बांग्लादेशी आतंकी नेटवर्क पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

बांग्लादेशी आतंकी नेटवर्क पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

प्रेषित समय :19:00:07 PM / Fri, Jun 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बांग्लादेश आधारित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 11 आरोपितों के विरुद्ध विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. एनआईए का आरोप है कि ये सभी आरोपित संगठन की सहयोगी इकाई इमाम महमूदर काफिला (आईएमके) के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल में आतंकी गतिविधियों तथा कट्टरपंथी विचारधारा का विस्तार करने की साजिश में शामिल थे. आरोप पत्र भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया है.

यह मामला दिसंबर 2025 में असम पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा चलाए गए बहु-राज्यीय अभियान से जुड़ा है. अभियान के दौरान असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल से 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था. बाद में जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई. विस्तृत जांच के बाद एजेंसी ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग इमाम महमूदर काफिला के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन का नेटवर्क मजबूत करने और नए लोगों को जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.

एनआईए के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपित गुप्त बैठकों का आयोजन करते थे, धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़े कार्यक्रम संचालित करते थे, उग्रवादी साहित्य का प्रसार करते थे तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर भारत विरोधी प्रचार सामग्री फैलाने का काम कर रहे थे. जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपित संगठन के नेतृत्व के प्रति निष्ठा बढ़ाने और प्रतिबंधित आतंकी विचारधारा का विस्तार करने के उद्देश्य से लगातार सक्रिय थे.

जांच के दौरान एजेंसी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं. एनआईए का कहना है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया गया है. एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है.

एनआईए ने नसीमुद्दीन और जागीर मियां को संगठन के प्रमुख संचालकों के रूप में चिन्हित किया है. एजेंसी के अनुसार नसीमुद्दीन असम में और जागीर मियां त्रिपुरा में संगठन की गतिविधियों का संचालन कर रहे थे. असम पुलिस के विशेष कार्यबल के महानिरीक्षक पार्थ सारथी महंत ने बताया कि यह कार्रवाई "ऑपरेशन प्रतिघात" के तहत की गई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध कट्टरपंथी और आतंकी नेटवर्क को निष्क्रिय करना है.

जांच एजेंसियों के अनुसार इमाम महमूदर काफिला की स्थापना वर्ष 2018 में ज्वेल महमूद उर्फ इमाम महमूद हबीबुल्लाह उर्फ सोहेल ने की थी, जो पहले जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से जुड़ा रहा है. संगठन पर भारत में प्रतिबंधित आतंकी गतिविधियों और कट्टरपंथी विचारधारा के विस्तार का आरोप है.

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपित वर्ष 2023 से पहले वैध भारतीय पासपोर्ट और वीजा के माध्यम से बांग्लादेश गए थे, जहां उन्होंने कथित रूप से बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया. वहीं कुछ अन्य लोगों को अपने परिवार सहित बांग्लादेश जाकर हथियारों का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि बांग्लादेश में मौजूद दो नागरिक सीमा पार से असम में संचालित नेटवर्क के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए थे.

असम पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई केवल पहले चरण का हिस्सा है और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान जारी रहेगा. अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क के तार केवल असम और पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़े होने की आशंका है. इसी कारण मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण खुलासे तथा कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-