आठ करोड़ की प्रतिबंधित ट्रामाडोल टेबलेट जब्त, लक्जरी बस से हो रही थी तस्करी, एक आरोपी गिरफ्तार

आठ करोड़ की प्रतिबंधित ट्रामाडोल टेबलेट जब्त, लक्जरी बस से हो रही थी तस्करी, एक आरोपी गिरफ्तार

प्रेषित समय :19:29:50 PM / Sat, Jun 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अहमदाबाद. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित सायकोट्रोपिक दवा ट्रामाडोल की बड़े पैमाने पर तस्करी का पर्दाफाश करते हुए दो लाख आठ हजार टेबलेट जब्त की हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब आठ करोड़ 32 लाख रुपये आंकी गई है. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में दवा तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है.

गुजरात एटीएस के उपमहानिरीक्षक सुनील जोशी ने बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने अहमदाबाद के शाहीबाग स्थित नमस्ते सर्कल के पास एक निजी ट्रैवल्स की लक्जरी बस को रोककर तलाशी ली. जांच के दौरान बस में रखे छह बड़े पार्सलों से कुल 416 छोटे बॉक्स बरामद हुए. इनमें ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड 100 मिलीग्राम की कुल दो लाख आठ हजार टेबलेट मिलीं, जिन्हें जब्त कर लिया गया. पुलिस ने बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने सामान्य दवाओं के नाम पर फर्जी कर चालान तैयार कर प्रतिबंधित दवा को अंकलेश्वर से राजस्थान के पाली भेजने की योजना बनाई थी. पार्सल न्यू महावीर मेडिकल के नाम से तैयार किए गए थे, ताकि किसी को संदेह न हो. एटीएस ने बस की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे अहमदाबाद पहुंचते ही पकड़ लिया.

जांच के दौरान मुख्य आरोपी की पहचान वलसाड निवासी परेश जैन के रूप में हुई. सूचना मिलने पर एटीएस की एक टीम राजस्थान पहुंची और उदयपुर जिले की गोगुंदा तहसील के सादड़ी क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है, लेकिन लंबे समय से वलसाड में रह रहा था. अदालत ने उसे दो जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

पूछताछ में आरोपी ने दावा किया है कि उसके पास दवाओं का स्टॉक रखने का वैध लाइसेंस है. हालांकि जांच एजेंसियां इस दावे की सत्यता की जांच कर रही हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह उत्तराखंड की दवा कंपनियों से ट्रामाडोल टेबलेट खरीदकर वलसाड में अपने गोदाम में रखता था और बाद में राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इसकी आपूर्ति करता था.

एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने मई 2026 से अब तक करीब 62.54 लाख ट्रामाडोल टेबलेट खरीदी थीं. इन दवाओं को गुजरात में भंडारित कर विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की गई.

पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है. वह पहले उत्तराखंड के हरिद्वार और महाराष्ट्र के ठाणे में कोडीन युक्त कफ सिरप के मामलों में पकड़ा जा चुका है. इसके अलावा वापी में मेफेड्रोन बरामदगी के एक मामले में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें वह फरार चल रहा था. अब उस प्रकरण में भी उसकी गिरफ्तारी की जाएगी.

ट्रामाडोल एक शक्तिशाली दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग गंभीर दर्द और सर्जरी के बाद मरीजों को दिया जाता है. लेकिन इसके दुरुपयोग और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2018 से इसे स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ कानून के तहत नियंत्रित श्रेणी में रखा है. इसके भंडारण, परिवहन और बिक्री के लिए विशेष लाइसेंस तथा चिकित्सकीय पर्चा अनिवार्य है. एटीएस का मानना है कि इस कार्रवाई से प्रतिबंधित दवाओं की अवैध तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-