तिरुवनंतपुरम. केरल में धर्म के नाम पर कथित फर्जी इलाज और काला जादू किए जाने की शिकायत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक मकान पर छापेमारी की. कई घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न सामग्रियां और एक संदिग्ध प्रशिक्षण प्रमाणपत्र बरामद किया. हालांकि प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है. मामले की विस्तृत जांच जारी है.
अधिकारियों के अनुसार छापेमारी चेरकला निवासी शिहाबुद्दीन फैजी के घर पर की गई. स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार सुबह करीब आठ बजे कार्रवाई शुरू की, जो कई घंटों तक चली. इस संयुक्त अभियान में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और औषधि निरीक्षक भी शामिल रहे.
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई मुख्यमंत्री को भेजी गई एक शिकायत के आधार पर की गई. शिकायत संबंधित पुलिस थाने को भेजे जाने के बाद पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर संयुक्त जांच की योजना बनाई.
तलाशी के दौरान अधिकारियों को शहद, पानी, कई बोतलें तथा अन्य सामग्री मिली, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया. इसके अलावा मकान की दीवार पर एक सप्ताह के वेलनेस प्रशिक्षण का कथित फर्जी प्रमाणपत्र भी लगा हुआ मिला, जिसे भी जांच के दायरे में लिया गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक की जांच में फर्जी चिकित्सा उपचार या काला जादू किए जाने के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है. हालांकि जब्त की गई सामग्री और दस्तावेजों की जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है.
पूछताछ के दौरान शिहाबुद्दीन फैजी ने अधिकारियों से कहा कि वह लोगों को किसी प्रकार की चिकित्सा नहीं देते, बल्कि केवल प्रार्थना पढ़कर पानी देते हैं. उन्होंने किसी अन्य तरह का उपचार किए जाने के आरोपों से इनकार किया.
जांच के हिस्से के रूप में पुलिस ने मकान में लगे निगरानी कैमरों का फुटेज भी अपने कब्जे में लिया है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

