नकली सेटाफिल स्किन क्लींजर का भंडाफोड़, 2028 तक की एक्सपायरी वाली 12 बोतलें जब्त

नकली सेटाफिल स्किन क्लींजर का भंडाफोड़, 2028 तक की एक्सपायरी वाली 12 बोतलें जब्त

प्रेषित समय :18:54:43 PM / Sat, Jun 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पुणे. महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पुणे में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रसिद्ध त्वचा देखभाल उत्पाद सेटाफिल जेंटल स्किन क्लींजर की 12 संदिग्ध और नकली बोतलें जब्त की हैं. हैरानी की बात यह है कि इन उत्पादों पर दिसंबर 2025 की निर्माण तिथि और दिसंबर 2028 की समाप्ति तिथि अंकित थी, लेकिन जांच में इन्हें 'स्प्यूरियस कॉस्मेटिक्स' यानी नकली सौंदर्य प्रसाधन पाया गया.

एफडीए के अनुसार यह कार्रवाई 22 जून को पुणे के शिवाजीनगर स्थित ओम केमिस्ट पर औचक निरीक्षण के दौरान की गई. पुणे संभाग के औषधि निरीक्षक श्रीकांत वी. पाटिल ने दुकान से 118 मिलीलीटर क्षमता वाले सेटाफिल जेंटल स्किन क्लींजर का नमूना लिया. जांच के दौरान बैच नंबर बी5एनए1110 वाले उत्पाद पर संदेह होने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई.

प्राथमिक जांच में सामने आया कि उत्पाद की पैकेजिंग पर निर्माण और समाप्ति तिथि सामान्य रूप से अंकित थी, लेकिन इसकी प्रामाणिकता संदिग्ध पाई गई. इसके बाद एफडीए ने 12 बोतलें जब्त कर उसी दिन मामला दर्ज कर लिया.

अधिकारियों के अनुसार उत्पाद पर यह भी अंकित था कि भारत में इसका विपणन गालडर्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जबकि इसका निर्माण एन्क्यूब एथिकल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है. अब जांच इस बात की भी की जा रही है कि जब्त की गई बोतलें अधिकृत आपूर्ति श्रृंखला से आई थीं या नकली उत्पाद बनाकर बाजार में उतारी गई थीं.

एफडीए ने कहा कि नकली सौंदर्य प्रसाधनों की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. ऐसे उत्पाद त्वचा संक्रमण, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और संबंधित आपूर्ति श्रृंखला की भी पड़ताल की जाएगी.

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही सौंदर्य एवं त्वचा देखभाल उत्पाद खरीदें. यदि किसी उत्पाद की पैकेजिंग, गुणवत्ता या कीमत को लेकर संदेह हो तो उसकी सूचना तुरंत खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दें. जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री संबंधी प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-