-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963)
जो श्रद्धालु रविवार का व्रत करते हैं, उन्हें देवी कूष्मांडा और सूर्यदेव की पूजा-आराधना करनी चाहिए.
दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दरिद्रादि विनाशनीम्.
जयंदा धनदा कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
जगतमाता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्.
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
त्रैलोक्यसुन्दरी त्वंहि दुःख शोक निवारिणीम्.
परमानन्दमयी, कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
* देवी दुर्गा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
* देवी दुर्गा का चौथा स्वरूप कूष्मांडा है.
* देवी कूष्मांडा, सिंह पर सवार हैं और सूर्यलोक में निवास करती हैं, जो क्षमता किसी भी अन्य देवी-देवता में नहीं है, इसलिए जब कोई कारक ग्रह अस्त हो जाए तो देवी कूष्मांडा की आराधना करनी चाहिए.
* देवी कूष्मांडा अष्टभुजा धारी हैं और अस्त्र-शस्त्र के साथ माता के एक हाथ में अमृत कलश भी है.
* देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है.
* देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना से सूर्य ग्रह की अनुकुलता प्राप्त होती है.
* जिन श्रद्धालुओं की सूर्य की दशा-अन्तरदशा चल रही हो उन्हें भी देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
* सम्मान, सफलता आदि की कामना रखनेवाले श्रद्धालुओं को देवी कूष्मांडा की आराधना करनी चाहिए.
* जिन श्रद्धालुओं के पिता से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी कूष्मांडा की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
सूर्योपासना से प्राप्त होती है... जीवन शक्ति!
* पंचदेवों में से एकमात्र प्रत्यक्ष देव सूर्य की पूजा-अर्चना से जीवन शक्ति प्राप्त होती है, जीवन ऊर्जावान बनता है क्योंकि शेष सारे ग्रह सूर्यदेव से ही ऊर्जा प्राप्त करते हैं.
* विभिन्न राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से प्रसिद्धि/प्रतिष्ठा प्राप्त होने के साथ साथ विविध लाभ भी होते हैं.
* मेष राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से संतान सुख और ज्ञान सुख प्राप्त होता है.
* वृष राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से घर/वाहन आदि भौतिक सुख प्राप्त होते हैं.
* मिथुन राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से पदोन्नति/पराक्रम की प्राप्ति होती है.
* कर्क राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से धन संचय का लाभ मिलता है.
* सिंह राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
* कन्या राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से विदेश जाने के और वहां प्रसिद्धि प्राप्त करने के अवसर प्राप्त होते हैं तथा व्यय नियंत्रण का लाभ मिलता है.
* तुला राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से धनलाभ होता है.
* वृश्चिक राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से उत्तम रोजगार के अवसर मिलते हैं, कर्मक्षेत्र में सम्मान मिलता है.
* धनु राशि/लग्न वालों का सूर्योपासना से भाग्योदय होता है तथा धर्मलाभ मिलता है.
* मकर राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से सर्वकष्टों से मुक्ति मिलती है.
* कुंभ राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से पारिवारिक सुख-शांति प्राप्त होती है.
* मीन राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से ऋण, रोग और शत्रु से मुक्ति मिलती है.
* दिन का चौघड़िया
उद्वेग - 05:48 से 07:30
चर - 07:30 से 09:12
लाभ - 09:12 से 10:54
अमृत - 10:54 से 12:36
काल - 12:36 से 02:17
शुभ - 02:17 से 03:59
रोग - 03:59 से 05:41
उद्वेग - 05:41 से 07:23
* रात्रि का चौघड़िया
शुभ - 07:23 से 08:41
अमृत - 08:41 से 09:59
चर - 09:59 से 11:17
रोग - 11:17 से 12:36
काल - 12:36 से 01:54
लाभ - 01:54 से 03:12
उद्वेग - 03:12 से 04:30
शुभ - 04:30 से 05:49
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन- 28 जून 2026, रविवार व्रत - देवी कूष्मांडा और सूर्यदेव की पूजा-आराधना करें!
प्रेषित समय :22:39:55 PM / Sat, Jun 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

