श्रावणी मेले से पहले बाबा धाम मार्ग पर बड़ा बदलाव कांवड़ियों के लिए बनेगा अलग ट्रैक

श्रावणी मेले से पहले बाबा धाम मार्ग पर बड़ा बदलाव कांवड़ियों के लिए बनेगा अलग ट्रैक

प्रेषित समय :19:17:41 PM / Sat, Jun 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

देवघर. श्रावणी मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर पहुंचने वाले लाखों कांवड़ियों के लिए इस बार यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-114ए के बासुकीनाथ-देवघर खंड पर सड़क सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य तेज कर दिया है. करीब 45.159 किलोमीटर लंबी फोर-लेन परियोजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है, जिसे श्रावणी मेले से पहले अधिकतम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता कांवड़ यात्रियों के लिए तैयार किया जा रहा समर्पित कांवड़िया ट्रैक है. एनएचएआई इस मार्ग पर 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा विशेष पैदल मार्ग विकसित कर रहा है. इस ट्रैक के तैयार होने के बाद कांवड़ियों और सामान्य वाहनों का आवागमन पूरी तरह अलग-अलग होगा. इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और श्रावणी मेले के दौरान लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है.

यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए परियोजना के तहत लगभग 28.677 किलोमीटर लंबे बाईपास का भी निर्माण किया जा रहा है. इसमें बासुकीनाथ, सहारा, तालझारी, घोरमारा और देवघर बाईपास शामिल हैं. इसके अलावा सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज और अंडरपास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि स्थानीय और भारी वाहनों का आवागमन बिना किसी बाधा के जारी रह सके.

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार श्रावणी मेले के शुरू होने से पहले पूरे मार्ग की विशेष मरम्मत की जाएगी. सड़क को पूरी तरह गड्ढामुक्त बनाने, बेहतर जल निकासी की व्यवस्था करने, रात में सुरक्षित आवागमन के लिए रिफ्लेक्टिव मार्किंग, सुरक्षा बैरियर और दिशा संकेतक लगाने के साथ-साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को पूरे मार्ग में सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिल सके.

अधिकारियों का कहना है कि फोर-लेन परियोजना पूरी होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर और त्रिकूट पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी. इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा, बल्कि संताल परगना क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी.

हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं. ऐसे में एनएचएआई की यह परियोजना कांवड़ यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-