जबलपुर. आर्थिक जरूरत के समय रिश्तेदार के पास गिरवी रखी गई जमीन अब रकम लौटाने के बाद भी वापस नहीं मिलने से एक परिवार न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा. पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि 22 लाख रुपये लौटाने के बावजूद आरोपी जमीन अपने कब्जे में रखे हुए हैं और अब उसे अपनी संपत्ति बताकर कब्जा छोड़ने से इनकार कर रहे हैं.
शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचीं जसूजा सिटी निवासी तलविंदर कौर ने बताया कि उनके पति बलबीर सिंह के बड़े भाई चरणजीत सिंह ने पैसों की आवश्यकता होने पर भेड़ाघाट क्षेत्र स्थित अपनी जमीन 22 लाख रुपये के बदले गिरवी रखी थी. पीड़ित परिवार का कहना है कि तय समय पर पूरी राशि वापस कर दी गई, लेकिन इसके बाद भी जमीन वापस नहीं की गई.
आरोप है कि रकम लौटाने के दौरान आरोपी पक्ष ने रजिस्ट्री कार्यालय में हक त्याग पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए और अब उसी दस्तावेज के आधार पर पूरी जमीन पर अपना स्वामित्व जता रहे हैं. इतना ही नहीं, जमीन पर कब्जा कर उसे अन्य लोगों को किराए पर भी दे दिया गया है. पीड़ित परिवार का दावा है कि जमीन का सौदा नहीं, बल्कि केवल गिरवी रखने का समझौता हुआ था.
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है. आवेदन को जांच के लिए भेड़ाघाट थाना प्रभारी को भेजा जा रहा है. जांच के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा तथा यह देखा जाएगा कि हक त्याग पत्र किन परिस्थितियों में तैयार हुआ, उसके गवाह कौन थे और पूरी प्रक्रिया किस आधार पर पूरी की गई.
उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और यदि जांच में धोखाधड़ी अथवा छलपूर्वक संपत्ति हड़पने के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
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