-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963)
* वट सावित्री पूर्णिमा - 29 जून 2026, सोमवार
* पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 29 जून 2026 को 03:06 एएम बजे
* पूर्णिमा तिथि समाप्त - 30 जून 2026 को 05:26 एएम बजे
* नारी शक्ति का प्रतीक है वट सावित्री व्रत!
* वट सावित्री व्रत ऐसा व्रत है जिसमें हिंदू सुहागने अपने पति की लंबी उम्र और संतान प्राप्ति की कामना करती हैं.
* भारत में यह व्रत बेहद लोकप्रिय है लेकिन इसकी तिथि की मान्यताएं भिन्न-भिन्न हैं. कहीं यह व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या को तो कहीं इसी मास की पूर्णिमा को किया जाता है.
* सामान्यत: वट सावित्री पूर्णिमा व्रत दक्षिण भारत में तो वट सावित्री अमावस्या व्रत उत्तर भारत में विशेष रूप से किया जाता है.
* इसकी कथा पतिव्रता पत्नी की घातचक्र को बदलने की ताकत को प्रदर्शित करती है, तो विकट परिस्थिति की चतुराई से सामना करने का विश्वास भी पैदा करती है.
* यह व्रत हर हाल में अपने जीवनसाथी का साथ देने का संदेश देता है.
* धर्मधारणा है कि... सौभाग्यवती स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु एवं संतान सुख प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं.
* दिन का चौघड़िया
अमृत - 05:49 से 07:30
काल - 07:30 से 09:12
शुभ - 09:12 से 10:54
रोग - 10:54 से 12:36
उद्वेग - 12:36 से 02:18
चर - 02:18 से 03:59
लाभ - 03:59 से 05:41
अमृत - 05:41 से 07:23
* रात्रि का चौघड़िया
चर - 07:23 से 08:41
रोग - 08:41 से 09:59
काल - 09:59 से 11:18
लाभ - 11:18 से 12:36
उद्वेग - 12:36 से 01:54
शुभ - 01:54 से 03:12
अमृत - 03:12 से 04:31
चर - 04:31 से 05:49
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन- 29 जून 2026, नारी शक्ति का प्रतीक है वट सावित्री व्रत!
प्रेषित समय :18:12:22 PM / Sun, Jun 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

