जुलाई में व्रत-त्योहारों की बहार, 30 जुलाई से शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय सावन मास

जुलाई में व्रत-त्योहारों की बहार, 30 जुलाई से शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय सावन मास

प्रेषित समय :22:26:32 PM / Sun, Jun 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

वर्ष 2026 का जुलाई महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस महीने में अनेक प्रमुख व्रत, पर्व और धार्मिक आयोजन मनाए जाएंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार पूरे महीने आषाढ़ मास रहेगा और महीने के अंतिम दिन 30 जुलाई से भगवान शिव का प्रिय सावन मास प्रारंभ होगा. इसी महीने देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत भी होगी, जिसे सनातन परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है. योगिनी एकादशी, हलहारिणी अमावस्या, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व भी इसी महीने मनाए जाएंगे.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जुलाई में भगवान विष्णु की आराधना के साथ-साथ भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व रहेगा. 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास का आरंभ होगा. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक भगवान शिव सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं. चातुर्मास के दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम रहता है तथा साधना, जप, तप, दान और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. इस वर्ष चातुर्मास 25 जुलाई से शुरू होकर 21 नवंबर तक रहेगा.

महीने का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण 30 जुलाई से शुरू होने वाला सावन मास रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना है. इस पूरे महीने श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन करते हैं. अनेक भक्त सोमवार का व्रत रखते हैं तथा कांवड़ यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं. इस वर्ष सावन 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा.

जुलाई में पड़ने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार इस प्रकार हैं—

3 जुलाई (शुक्रवार) – गणेश चतुर्थी व्रत

8 जुलाई (बुधवार) – बसोरा, शीतला अष्टमी

10 जुलाई (शुक्रवार) – योगिनी एकादशी व्रत

12 जुलाई (रविवार) – शिव चतुर्दशी व्रत, प्रदोष व्रत

14 जुलाई (मंगलवार) – हलहारिणी अमावस्या, स्नान-दान अमावस्या

15 जुलाई (बुधवार) – गुप्त नवरात्रि प्रारंभ

16 जुलाई (गुरुवार) – श्रीजगन्नाथ रथयात्रा प्रारंभ (पुरी)

17 जुलाई (शुक्रवार) – विनायकी चतुर्थी व्रत

21 जुलाई (मंगलवार) – वैवस्वत पूजा

23 जुलाई (गुरुवार) – भड़ली नवमी, गुप्त नवरात्रि समापन

24 जुलाई (शुक्रवार) – आशा दशमी

25 जुलाई (शनिवार) – देवशयनी एकादशी, चातुर्मास प्रारंभ

26 जुलाई (रविवार) – प्रदोष व्रत, वासुदेव द्वादशी

27 जुलाई (सोमवार) – विजया पार्वती व्रत, मंगला तेरस

29 जुलाई (बुधवार) – गुरु पूर्णिमा

30 जुलाई (गुरुवार) – सावन मास प्रारंभ

धर्माचार्यों के अनुसार जुलाई का महीना साधना, दान, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. विशेष रूप से गुरु पूर्णिमा, देवशयनी एकादशी और सावन मास का आरंभ श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था और भक्ति का विशेष अवसर लेकर आएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-