मुंबई में 700 वर्गफुट के फ्लैट का किराया दो लाख रुपये सुनकर चौंके लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मुंबई में 700 वर्गफुट के फ्लैट का किराया दो लाख रुपये सुनकर चौंके लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

प्रेषित समय :20:59:48 PM / Tue, Jun 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर अपने महंगे किराये के बाजार को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में अंधेरी स्थित 700 वर्गफुट के एक सर्विस्ड फ्लैट का मासिक किराया दो लाख रुपये बताए जाने के बाद लोगों के बीच इस पर तीखी बहस शुरू हो गई है। वीडियो में फ्लैट में रहने वाली महिला ने न केवल अपने घर का पूरा दौरा कराया, बल्कि यह भी बताया कि इतने अधिक किराये के पीछे केवल स्थान ही नहीं, बल्कि मिलने वाली विशेष सुविधाएं भी बड़ी वजह हैं। वीडियो सामने आने के बाद हजारों लोगों ने मुंबई के बढ़ते किराये और महानगर में रहने की बढ़ती लागत पर अपनी राय व्यक्त की है।

वीडियो की शुरुआत में एक कंटेंट क्रिएटर महिला से पूछती है कि वह मुंबई में कितना किराया देती हैं। इसके जवाब में महिला बताती हैं कि वह हर महीने दो लाख रुपये किराया चुकाती हैं। जब फ्लैट के आकार के बारे में पूछा जाता है तो वह बताती हैं कि यह लगभग 700 वर्गफुट का दो कमरों वाला फ्लैट है। किराये की राशि सुनकर कंटेंट क्रिएटर आश्चर्य जताती हैं और घर देखने की इच्छा व्यक्त करती हैं, जिस पर महिला उन्हें अपने फ्लैट के अंदर ले जाती हैं।

घर का दौरा कराते हुए महिला बताती हैं कि यह एक सर्विस्ड अपार्टमेंट है, जहां केवल रहने की जगह ही नहीं बल्कि कई अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। फ्लैट में भोजन, कपड़े धोने की सेवा, नियमित हाउसकीपिंग और अन्य घरेलू सुविधाएं पहले से शामिल हैं। उनके अनुसार इन्हीं सेवाओं की वजह से इस अपार्टमेंट का किराया सामान्य फ्लैटों की तुलना में कहीं अधिक है।

महिला वीडियो में अपने बैठक कक्ष, भोजन क्षेत्र और बालकनी को भी दिखाती हैं। वह बताती हैं कि घर आकार में छोटा जरूर है, लेकिन रंग-बिरंगी सजावट और व्यवस्थित डिजाइन के कारण रहने में आरामदायक महसूस होता है। उन्होंने यह भी बताया कि परिसर में रहने वालों के लिए कुछ सामुदायिक नियम बनाए गए हैं, जिनका उद्देश्य सकारात्मक और मैत्रीपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

फ्लैट के स्थान के बारे में जानकारी देते हुए महिला कहती हैं कि यह मुंबई के अंधेरी स्थित डी.एन. नगर क्षेत्र में है। उनके अनुसार इस इलाके में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं, विशेषकर आसपास के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र। इसी कारण इस क्षेत्र में किराये की दरें लगातार ऊंची बनी रहती हैं और मांग भी काफी अधिक रहती है।

जब उनसे पूछा गया कि वह इतना महंगा किराया कैसे वहन करती हैं, तो उन्होंने बताया कि वह दूसरे शहरों से मुंबई आने वाले विद्यार्थियों को छात्रावास और रहने की जगह उपलब्ध कराने का काम करती हैं। उनका कहना था कि इस काम से होने वाली आय के कारण वह इस तरह के फ्लैट का खर्च उठा पाती हैं। हालांकि उन्होंने अपनी वास्तविक वार्षिक आय का खुलासा नहीं किया।

महिला ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मुंबई में बिना आर्थिक दबाव के आरामदायक जीवन बिताना है तो उसकी वार्षिक आय लगभग 50 लाख रुपये या उससे अधिक होनी चाहिए, क्योंकि अकेले किराये पर ही वर्ष भर में लगभग 24 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी स्वयं की आय इससे अधिक है या नहीं।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने मुंबई के बढ़ते किराये को आम लोगों की पहुंच से बाहर बताया। कुछ लोगों का कहना था कि देश के अन्य बड़े शहरों में इसी राशि में कहीं अधिक बड़े और लग्जरी फ्लैट आसानी से किराये पर मिल सकते हैं। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि भोजन, हाउसकीपिंग, लॉन्ड्री और अन्य सुविधाएं किराये में शामिल हैं, तो यह उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो व्यस्त जीवनशैली के कारण ऐसी सेवाओं की आवश्यकता महसूस करते हैं।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में सीमित भूमि, लगातार बढ़ती आबादी, रोजगार के अवसर और प्रीमियम इलाकों में ऊंची मांग के कारण किराये की दरें देश के अधिकांश शहरों की तुलना में काफी अधिक हैं। विशेष रूप से अंधेरी, बांद्रा, लोअर परेल, वर्ली, बीकेसी और पवई जैसे क्षेत्रों में सर्विस्ड अपार्टमेंट और प्रीमियम आवास का किराया कई बार लाखों रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता है।

हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसने एक बार फिर महानगरों में बढ़ती आवास लागत और आम लोगों के लिए किफायती घरों की चुनौती को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यदि आवास की उपलब्धता नहीं बढ़ी तो मुंबई जैसे महानगरों में किराये का बाजार और अधिक महंगा हो सकता है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-