रोबोटिक घुटना सर्जरी की सुविधा से महाकौशल को नई पहचान, जबलपुर बना क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का अग्रणी केंद्र

रोबोटिक घुटना सर्जरी की सुविधा से महाकौशल को नई पहचान, जबलपुर बना क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का अग्रणी केंद्र

प्रेषित समय :17:32:08 PM / Tue, Jun 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. महाकौशल अंचल में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है. जबलपुर जिले में पहले से उपलब्ध रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधा अब पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुकी है. इसी कड़ी में अब बालाघाट भी महाकौशल का दूसरा जिला बन गया है, जहां रोबोटिक तकनीक से घुटनों की सर्जरी की सुविधा शुरू हुई है. इससे जबलपुर के बाद पूरे महाकौशल में उन्नत चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होने का मार्ग और मजबूत हुआ है.

बालाघाट के समाधान हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रोबोटिक सर्जरी मशीन का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर सांसद भारती पारधी, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी.एम. शरणागत तथा अनेक वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति में नई तकनीक का लोकार्पण हुआ. कार्यक्रम में समाधान हॉस्पिटल के संचालक एवं ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अजीत गनवीर और डॉ. श्रेय जैन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य मरीजों को महानगरों पर निर्भर रहने से राहत दिलाना और क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा उपलब्ध कराना है.

चिकित्सकों के अनुसार रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण तकनीक में सर्जन पहले पूरी प्रक्रिया की डिजिटल योजना तैयार करते हैं. इसके बाद रोबोट चिकित्सक के निर्देशों के अनुरूप अत्यंत सटीक तरीके से सर्जरी में सहयोग करता है. इससे कृत्रिम घुटने की सही स्थिति सुनिश्चित होती है, आसपास के ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है, रक्तस्राव कम होता है तथा मरीज अपेक्षाकृत जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जबलपुर में पहले से उपलब्ध इस तकनीक ने महाकौशल के हजारों मरीजों को उन्नत उपचार का विकल्प दिया है. अब बालाघाट में भी यह सुविधा शुरू होने से मंडला, सिवनी, बालाघाट और आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं अपने क्षेत्र में ही मिल सकेंगी. इससे इलाज का समय, खर्च और बड़े शहरों की यात्रा की आवश्यकता भी कम होगी.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद भारती पारधी ने कहा कि कभी पिछड़े जिले के रूप में पहचाने जाने वाले बालाघाट ने आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने कहा कि जबलपुर के बाद बालाघाट में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत महाकौशल के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नए अध्याय का शुभारंभ है. यह इस बात का प्रमाण है कि अब क्षेत्र के युवा चिकित्सक बड़े महानगरों की बजाय अपने जिले में रहकर आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे आ रहे हैं.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी.एम. शरणागत ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी पूरी तरह चिकित्सक के नियंत्रण में संचालित होती है. डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर रोबोट अत्यधिक सटीकता के साथ प्रक्रिया को पूरा करता है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह तकनीक केवल अस्थि रोगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हृदय रोग, कैंसर और अन्य जटिल शल्य चिकित्सा में भी व्यापक रूप से उपयोग की जाएगी. उन्होंने रोबोटिक तकनीक से वृद्ध मरीज की सफल हृदय शल्य चिकित्सा का उदाहरण देते हुए इसकी विश्वसनीयता पर भी प्रकाश डाला.

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अजीत गनवीर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा तकनीकों का युग शुरू हो चुका है और समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी आधुनिक बनाना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से घुटना प्रत्यारोपण अधिक सटीक होता है, जिससे मरीज को कम दर्द, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और बेहतर परिणाम मिलते हैं. उन्होंने कहा कि जबलपुर के बाद महाकौशल में इस सुविधा का विस्तार पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जबलपुर पहले से ही महाकौशल का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, जहां अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं. अब आसपास के जिलों में भी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का विस्तार होने से पूरे महाकौशल की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा क्षेत्र के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-