आज का दिन- 2 जुलाई 2026, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा!

आज का दिन- 2 जुलाई 2026, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा!

प्रेषित समय :21:34:10 PM / Wed, Jul 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी - 3 जुलाई 2026, शुक्रवार
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 3 जुलाई 2026 को 11:20 एएम बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 4 जुलाई 2026 को 12:39 पीएम बजे

* श्री गणेशजी की आरती... 
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ 
एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी. 
हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥ 
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अँधे को आँख देत कोढऩि को काया
बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया. 
सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ 
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
* दिन का चौघड़िया (2  जुलाई 2026)
शुभ - 05:50 से 07:31
रोग - 07:31 से 09:13
उद्वेग - 09:13 से 10:55
चर - 10:55 से 12:36
लाभ - 12:36 से 02:18
अमृत - 02:18 से 04:00
काल - 04:00 से 05:41
शुभ - 05:41 से 07:23
* रात्रि का चौघड़िया
अमृत - 07:23 से 08:41
चर - 08:41 से 10:00
रोग - 10:00 से 11:18
काल - 11:18 से 12:36
लाभ - 12:36 से 01:55
उद्वेग - 01:55 से 03:13
शुभ - 03:13 से 04:32
अमृत - 04:32 से 05:50 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-