महाराष्ट्र में कांग्रेस में विलय कर सकती है शरद पवार की एनसीपी, अंतिम चरण में बातचीत, हलचल बढ़ी

महाराष्ट्र में कांग्रेस में विलय कर सकती है शरद पवार की एनसीपी, अंतिम चरण में बातचीत, हलचल बढ़ी

प्रेषित समय :16:03:50 PM / Wed, Jul 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई/नई दिल्ली. महाराष्ट्र के सियासी गलियारों से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलय हो सकता है. महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों दलों के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही है और यह काफी उन्नत (अंतिम) चरण में पहुंच चुकी है. इस संभावित कदम से न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी खेमे की पूरी तस्वीर बदल सकती है.

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि इस विलय को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व (हायकमांड) के स्तर पर सकारात्मक बातचीत चल रही है. उन्होंने वैचारिक समानता पर जोर देते हुए कहा: विलय के लिए हायकमांड के साथ बातचीत जारी है. जो लोग कांग्रेस और शरद पवार के धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) आदर्शों और सिद्धांतों में विश्वास रखते हैं, उन सभी का हमारी पार्टी में हमेशा स्वागत है.

सूत्रों का दावा है कि दिल्ली में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है और कांग्रेस नेतृत्व ने उन एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायकों और सांसदों को शामिल करने के लिए हरी झंडी दे दी है जो इस विलय के पक्ष में हैं.

1999 के बाद बदल जाएगा इतिहास

यदि यह विलय अमलीजामा पहनता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा चक्र पूरा हो जाएगा. गौरतलब है कि शरद पवार ने साल 1999 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गठन किया था. इसके बाद, साल 2023 में पार्टी को तब सबसे बड़ा झटका लगा जब शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने बगावत कर दी. अजित पवार अधिकांश विधायकों के साथ महाराष्ट्र की सत्ताधारी भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन सरकार में शामिल हो गए, जिससे असली एनसीपी और उसके चुनाव चिह्न पर अजित गुट का कब्जा हो गया.

पार्टी के भीतर दो फाड़ की स्थिति

भले ही विलय की बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक 85 वर्षीय शरद पवार की पार्टी के भीतर भविष्य को लेकर दो अलग-अलग विचार चल रहे हैं.

पहला गुट: पार्टी का एक धड़ा कांग्रेस में विलय का पुरजोर समर्थन कर रहा है. उनका मानना है कि वैचारिक रूप से कांग्रेस ही उनके लिए सबसे सही विकल्प है.
दूसरा गुट: पार्टी के कुछ नेता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ जाने के पक्ष में हैं. उनका तर्क है कि सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा बनने से उनके क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए फंड मिलना आसान हो जाएगा. फिलहाल दोनों ही पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की ओर से इस पर कोई अंतिम आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है, लेकिन इस सुगबुगाहट ने महाराष्ट्र के साथ-साथ देश की विपक्षी राजनीति में हलचल तेज कर दी है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-