मुंबई. गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी मानसून की तेज बारिश ने मुंबई मेंजनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. वहीं, उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाओं में भी देरी दर्ज की गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से मुंबई बेहाल, मुलुंड, सांताक्रूज और पवई में सबसे ज्यादा बारिश
जलभराव से सड़क यातायात प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई और उपनगरों के कई निचले इलाकों में पानी भर गया. जलभराव की वजह से प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और कई जगह लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला. बीएमसी की टीमें जलभराव वाले इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और बारिश के पानी की निकासी के लिए नालों की सफाई का काम लगातार जारी है. अधिकारियों के अनुसार, तेज बारिश और हवाओं के कारण शहर के कुछ हिस्सों में पेड़ों की शाखाएं भी गिरीं, जिससे सुबह के व्यस्त समय में यातायात और अधिक प्रभावित हुआ.
लोकल ट्रेन सेवाओं पर पड़ा असर
मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं भी बारिश से प्रभावित हुई हैं. सेंट्रल रेलवे के कुछ रूटों पर ट्रेनों की आवाजाही में देरी हुई, जिसके कारण कई स्टेशनों पर यात्रियों को लगभग 25 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिचालन सावधानी के साथ किया जा रहा है. यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन सेवाओं की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
आईएमडी ने दी और बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने मुंबई महानगर क्षेत्र के साथ-साथ ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए भी अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के मुताबिक, तेज बारिश के कारण जलभराव, दृश्यता में कमी और सड़क व रेल यातायात में और व्यवधान आ सकता है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
अलर्ट मोड पर बीएमसी और आपातकालीन एजेंसियां
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और अन्य आपातकालीन एजेंसियों ने जलभराव संभावित इलाकों में विशेष टीमें तैनात की हैं. नालों की सफाई, गिरे हुए पेड़ों को हटाने और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि महाराष्ट्र में मानसून के और सक्रिय होने के साथ सभी संबंधित विभाग हाई अलर्ट पर हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
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