आज का दिन- 4 जुलाई 2026, शनि प्रदत्त परेशानियों से राहत के लिए महावीर हनुमान की पूजा-अर्चना करें!

आज का दिन- 4 जुलाई 2026, शनि प्रदत्त परेशानियों से राहत के लिए महावीर हनुमान की पूजा-अर्चना करें!

प्रेषित समय :18:30:50 PM / Fri, Jul 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8302755688)
* शनि की तीन स्थितियां है- कारक, अकारक और सम!
* जीवन में शनि अकारक है तो सहकर्मियों का सहयोग नहीं मिलता है, घर क्षतिग्रस्त हो जाता है, शुभ कार्य धीमी गति से होते हैं, शरीर के विविध अंगों के बाल झड़ने लगते हैं आदि.
* अकारक शनि होने पर शनि से संबंधित वस्तुओं... लोहा, काली उड़द, कोयला, तिल, जौ, काले वस्त्र, चमड़ा, काला सरसों आदि का यथाशक्ति दान करना चाहिए.
* शनिदेव, राम भक्त हनुमान के भक्तों को कभी परेशान नहीं करते हैं इसलिए शनि द्वारा प्रदत्त परेशानियों से राहत के लिए नियमित रूप से महावीर हनुमान की पूजा-अर्चना करें!
॥ संकट मोचन हनुमानाष्टक ॥
बाल समय रवि भक्षि लियोतब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो.
ताहि सों त्रास भयो जग कोयह संकट काहु सों जात न टारो.
देवन आनि करी बिनतीतब छाँड़ि दियो रबि कष्ट निवारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
बालि की त्रास कपीस बसैगिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो.
चौंकि महा मुनि साप दियोतब चाहिय कौन बिचार बिचारो.
कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभुसो तुम दास के सोक निवारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
अंगद के सँग लेन गये सियखोज कपीस यह बैन उचारो.
जीवत ना बचिहौ हम सो जुबिना सुधि लाए इहाँ पगु धारो.
हेरि थके तट सिंधु सबैतब लाय सिया-सुधि प्रान उबारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
रावन त्रास दई सिय कोसब राक्षसि सों कहि सोक निवारो.
ताहि समय हनुमान महाप्रभुजाय महा रजनीचर मारो.
चाहत सीय असोक सों आगि सुदै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
बान लग्यो उर लछिमन केतब प्रान तजे सुत रावन मारो.
लै गृह बैद्य सुषेन समेत तबैगिरि द्रोन सु बीर उपारो.
आनि सजीवन हाथ दईतब लछिमन के तुम प्रान उबारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
रावन जुद्ध अजान कियोतब नाग कि फाँस सबै सिर डारो.
श्रीरघुनाथ समेत सबै दलमोह भयो यह संकट भारो.
आनि खगेस तबै हनुमान जुबंधन काटि सुत्रास निवारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
बंधु समेत जबै अहिरावनलै रघुनाथ पताल सिधारो.
देबिहिं पूजि भली बिधि सोंबलि देउ सबै मिलि मंत्र बिचारो.
जाय सहाय भयो तब हीअहिरावन सैन्य समेत सँहारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
काज कियो बड़ देवन के तुमबीर महाप्रभु देखि बिचारो.
कौन सो संकट मोर गरीब कोजो तुमसों नहिं जात है टारो.
बेगि हरो हनुमान महाप्रभुजो कुछ संकट होय हमारो.
को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥
॥ दोहा ॥
लाल देह लाली लसे,अरू धरि लाल लँगूर.
बज्र देह दानव दलन,जय जय कपि सूर॥
* दैनिक चौघड़िया- 4  जुलाई 2026
दिन का चौघड़िया 
काल - 05:50 से 07:32
शुभ - 07:32 से 09:13
रोग - 09:13 से 10:55
उद्वेग - 10:55 से 12:37
चर - 12:37 से 02:18
लाभ - 02:18 से 04:00
अमृत - 04:00 से 05:41
काल - 05:41 से 07:23
रात्रि का चौघड़िया
लाभ - 07:23 से 08:41
उद्वेग - 08:41 से 10:00
शुभ - 10:00 से 11:18
अमृत - 11:18 से 12:37
चर - 12:37 से 01:55
रोग - 01:55 से 03:14
काल - 03:14 से 04:32
लाभ - 04:32 से 05:51 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-