मैहर में दर्दनाक हादसा, कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे एक ही परिवार के 3 लोगों की जहरीली गैस से मौत

मैहर में दर्दनाक हादसा, कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे एक ही परिवार के 3 लोगों की जहरीली गैस से मौत

प्रेषित समय :18:14:07 PM / Sat, Jul 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मैहर. मध्य प्रदेश के मैहर जिले में शुक्रवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. अमरपाटन थाना क्षेत्र के खरामसेदा गांव के अहिरान टोला में एक 40 फीट गहरे कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश के दौरान एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई.

स्थानीय पुलिस ने शनिवार को इस घटना की पुष्टि की है. हादसे में परिवार का एक चौथा सदस्य भी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे नाजुक हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बैल को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा

अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते से मिली जानकारी के अनुसार. यह घटना शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे की है. गांव के निवासी रामनिवास कुशवाहा के स्वामित्व वाले एक गहरे कुएं में एक बैल अचानक गिर गया था. पशु को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में गांव के चार लोग एक रस्सी के सहारे एक-दूसरे के बाद कुएं के भीतर उतरे, लेकिन कुएं की गहराई में अत्यधिक ऑक्सीजन की कमी और वहां बनी जहरीली गैसों के तात्कालिक प्रभाव के कारण चारों लोग कुछ ही पलों में अचेत हो गए. कुएं के बाहर खड़े ग्रामीणों ने जब कोई हलचल नहीं देखी, तो तुरंत राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद चारों अचेत पुरुषों को बाहर निकाला.

तीन लोगों की मौत, एक की हालत नाजुक

ग्रामीणों द्वारा बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद चारों पीडि़तों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान राहुल यादव (36 वर्ष). वीरेंद्र यादव (40 वर्ष) और कृष्णदत्त यादव (26 वर्ष) के रूप में हुई है. चौथे व्यक्ति, 50 वर्षीय रामचंद्र यादव, इस जहरीली गैस के प्रभाव में आने के बाद जीवित बच गए. लेकिन उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. स्थानीय डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें विशेष इलाज के लिए सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया है.

कुएं में जमा कचरे से बनी जहरीली गैस

प्रारंभिक पुलिस जांच और स्थानीय अधिकारियों के विश्लेषण के अनुसार. कुएं में पानी का स्तर काफी कम था. लेकिन उसमें लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा और सडऩे वाले कार्बनिक पदार्थ जमा थे. अधिकारियों ने बताया कि ऐसे पुराने और बिना हवादार कुओं में अक्सर मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी घातक गैसें भारी मात्रा में जमा हो जाती हैं. इन गैसों के प्रभाव में आने पर किसी भी व्यक्ति का दम बहुत तेजी से घुटने लगता है. पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस दुखद घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-