आज का दिन: 5 जुलाई 2026, रविवार व्रत - देवी कूष्मांडा और सूर्यदेव की पूजा-आराधना करें!

आज का दिन: 5 जुलाई 2026, रविवार व्रत - देवी कूष्मांडा और सूर्यदेव की पूजा-आराधना करें!

प्रेषित समय :22:04:31 PM / Sat, Jul 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

 प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8302755688)
जो श्रद्धालु रविवार का व्रत करते हैं, उन्हें देवी कूष्मांडा और सूर्यदेव की पूजा-आराधना करनी चाहिए.
दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दरिद्रादि विनाशनीम्.
जयंदा धनदा कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
जगतमाता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्.
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
त्रैलोक्यसुन्दरी त्वंहि दुःख शोक निवारिणीम्.
परमानन्दमयी, कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

* देवी दुर्गा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
* देवी दुर्गा का चौथा स्वरूप कूष्मांडा है.
* देवी कूष्मांडा, सिंह पर सवार हैं और सूर्यलोक में निवास करती हैं, जो क्षमता किसी भी अन्य देवी-देवता में नहीं है, इसलिए जब कोई कारक ग्रह अस्त हो जाए तो देवी कूष्मांडा की आराधना करनी चाहिए.
* देवी कूष्मांडा अष्टभुजा धारी हैं और अस्त्र-शस्त्र के साथ माता के एक हाथ में अमृत कलश भी है.
* देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है.  
* देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना से सूर्य ग्रह की अनुकुलता प्राप्त होती है.
* जिन श्रद्धालुओं की सूर्य की दशा-अन्तरदशा चल रही हो उन्हें भी देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
* सम्मान, सफलता आदि की कामना रखनेवाले श्रद्धालुओं को देवी कूष्मांडा की आराधना करनी चाहिए.
* जिन श्रद्धालुओं के पिता से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी कूष्मांडा की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
* सूर्योपासना से प्राप्त होती है... जीवन शक्ति!
* पंचदेवों में से एकमात्र प्रत्यक्ष देव सूर्य की पूजा-अर्चना से जीवन शक्ति प्राप्त होती है, जीवन ऊर्जावान बनता है क्योंकि शेष सारे ग्रह सूर्यदेव से ही ऊर्जा प्राप्त करते हैं.
* विभिन्न राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से प्रसिद्धि/प्रतिष्ठा  प्राप्त होने के साथ साथ विविध लाभ भी होते हैं.
* मेष राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से संतान सुख और ज्ञान सुख प्राप्त होता है.
* वृष राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से घर/वाहन आदि भौतिक सुख प्राप्त होते हैं.
* मिथुन राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से पदोन्नति/पराक्रम की प्राप्ति होती है.
* कर्क राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से धन संचय का लाभ मिलता है.
* सिंह राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
* कन्या राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से विदेश जाने के और वहां प्रसिद्धि प्राप्त करने के अवसर प्राप्त होते हैं तथा व्यय नियंत्रण का लाभ मिलता है.
* तुला राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से धनलाभ होता है.
* वृश्चिक राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से उत्तम रोजगार के अवसर मिलते हैं, कर्मक्षेत्र में सम्मान मिलता है.
* धनु राशि/लग्न वालों का सूर्योपासना से भाग्योदय होता है तथा धर्मलाभ मिलता है.
* मकर राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से सर्वकष्टों से मुक्ति मिलती है.
* कुंभ राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से पारिवारिक सुख-शांति प्राप्त होती है.
* मीन राशि/लग्न वालों को सूर्योपासना से ऋण, रोग और शत्रु से मुक्ति मिलती है.
॥आरती श्री सूर्यदेव॥
जय कश्यप-नन्दन,ॐ जय अदिति नन्दन.
त्रिभुवन - तिमिर - निकन्दन,भक्त-हृदय-चन्दन॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.
सप्त-अश्वरथ राजित,एक चक्रधारी.
दु:खहारी, सुखकारी,मानस-मल-हारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.
सुर - मुनि - भूसुर - वन्दित,विमल विभवशाली.
अघ-दल-दलन दिवाकर,दिव्य किरण माली॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.
सकल - सुकर्म - प्रसविता,सविता शुभकारी.
विश्व-विलोचन मोचन,भव-बन्धन भारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.
कमल-समूह विकासक,नाशक त्रय तापा.
सेवत साहज हरतअति मनसिज-संतापा॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.
नेत्र-व्याधि हर सुरवर,भू-पीड़ा-हारी.
वृष्टि विमोचन संतत,परहित व्रतधारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.
सूर्यदेव करुणाकर,अब करुणा कीजै.
हर अज्ञान-मोह सब,तत्त्वज्ञान दीजै॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-