मोहन भागवत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कहा- दोषियों को मिले सख्त सजा, होसबोले की बात का किया समर्थन

मोहन भागवत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कहा- दोषियों को मिले सख्त सजा, होसबोले की बात का किया समर्थन

प्रेषित समय :21:22:59 PM / Sun, Jul 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गबन का मामला लगातार गरमाता जा रहा है. इस पूरे विवाद पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है. रविवार को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोहन भागवत ने साफ किया कि वे इस मामले में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के बयान से पूरी तरह सहमत हैं. उन्होंने कहा कि होसबोले ने जो कुछ भी कहा है, वही उनकी भी राय है. इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि संघ इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है.

इससे पहले शुक्रवार को संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राम मंदिर दान चोरी की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने की खबर से दुनियाभर के राम भक्तों और पूरे हिंदू समाज की आस्था को बहुत गहरा धक्का लगा है. होसबोले ने मांग की थी कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच होनी चाहिए. इसके साथ ही जो भी व्यक्ति इस पवित्र काम में चोरी का दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी अंदेशा जताया था कि कुछ हिंदू विरोधी ताकतें इस दुखद घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश रच रही हैं. उन्होंने पूरे हिंदू समाज से इस मुश्किल घड़ी में धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की थी ताकि ऐसी साजिशों को नाकाम किया जा सके.

कोषाध्यक्ष का भी आया बयान

इसके अलावा इस मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने भी पहली बार सार्वजनिक बयान जारी किया. उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि चढ़ावे का पूरा ऑडिटेड हिसाब सुरक्षित है और जांच के लिए उपलब्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट से कभी निजी लाभ नहीं लिया और सभी भुगतान बैंकिंग प्रणाली से होते हैं. उन्होंने एसआईटी, पुलिस और न्यायालय पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की. साथ ही भविष्य में और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की बात कही.

सोमवार को होगी ट्रस्ट की बड़ी बैठक

इस बड़े विवाद के बीच सोमवार को अयोध्या में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. यह बैठक मणि रामदास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के बीच होगी. इस बैठक का मुख्य एजेंडा दान चोरी की जांच के लिए गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट पर चर्चा करना है. आपको बता दें कि इस समय इस मामले की दो अलग-अलग स्तर पर जांच चल रही है. एक तरफ पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ एसआईटी की टीम बारीकी से हर पहलू को खंगाल रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का कार्यकाल जुलाई के आखिर तक बढ़ा दिया गया है. ट्रस्ट की इस बैठक में जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर बड़ा फैसला हो सकता है.

दान की गिनती के लिए बने कड़े नियम

चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की बात सामने आने के बाद राम मंदिर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए दान की रकम की गिनती को लेकर बेहद सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं. नए नियमों के मुताबिक, अब मंदिर के उस कमरे में जहां दान के पैसे गिने जाते हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी. इसके अलावा गिनती वाले कमरे में आने-जाने वाले लोगों पर भी सख्त पाबंदी लगा दी गई है. यहां तक कि वहां तैनात स्टाफ की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, जिसमें उनके बाथरूम जाने तक का रिकॉर्ड शामिल है.

आरोपियों की संपत्ति पर भी नजर

जांच एजेंसियां इस समय वित्तीय लेन-देन के सभी रिकॉर्ड खंगाल रही हैं. संदिग्धों और आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है. इसके साथ ही जांचकर्ता इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपियों ने दान के पैसों से कोई बेनामी संपत्ति तो नहीं बनाई है. इस पूरी जांच प्रक्रिया के बीच राम भक्तों की नजरें सोमवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हुई हैं.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-