नई दिल्ली. अगर आप ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए रोजाना 30 से 45 मिनट की वॉक करते हैं, तो एक नई रिसर्च आपके लिए अच्छी खबर लेकर आई है. अध्ययन के अनुसार, दिनभर लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय हर 45 मिनट में कुछ बॉडी-वेट स्क्वाट्स (Bodyweight Squats) या 2-3 मिनट की हल्की वॉक करना ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियां कम सक्रिय रहती हैं, जिससे रक्त में मौजूद ग्लूकोज का उपयोग धीमा हो जाता है. वहीं, हर 45 मिनट में थोड़ी देर शरीर को सक्रिय करने से बड़ी मांसपेशियां काम करती हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है.
क्या कहती है रिसर्च?
एक अध्ययन में अधिक वजन वाले पुरुषों को चार समूहों में बांटा गया.
पहला समूह पूरे समय बैठा रहा.
दूसरे समूह ने एक बार 30 मिनट की वॉक की.
तीसरे समूह ने हर 45 मिनट में 3 मिनट की वॉक की.
चौथे समूह ने हर 45 मिनट में लगभग 10 बॉडी-वेट स्क्वाट्स किए.
रिसर्च में पाया गया कि हर 45 मिनट में की गई छोटी-छोटी एक्सरसाइज ब्लड शुगर कंट्रोल करने में एक बार की 30 मिनट की वॉक से अधिक प्रभावी साबित हुई.
स्टेप बाय स्टेप गाइड
स्टेप 1: हर 45 मिनट का अलार्म लगाएं
मोबाइल या स्मार्टवॉच में 45 मिनट का रिमाइंडर सेट करें ताकि आप लगातार लंबे समय तक बैठे न रहें.
स्टेप 2: अपनी सीट से उठें
अलार्म बजते ही कुर्सी से उठ जाएं. पहले 15–20 सेकंड तक सामान्य रूप से खड़े होकर शरीर को ढीला करें.
स्टेप 3: पैरों की सही पोजीशन लें
दोनों पैरों के बीच कंधे जितनी दूरी रखें. पीठ सीधी रखें और सामने की ओर देखें.
स्टेप 4: स्क्वाट करें
धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए ऐसे नीचे जाएं जैसे कुर्सी पर बैठ रहे हों. फिर वापस ऊपर आ जाएं.
स्टेप 5: 10 बार दोहराएं
लगभग 10 स्क्वाट्स करें. शुरुआत में 5 से भी शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे संख्या बढ़ा सकते हैं.
स्टेप 6: अगर स्क्वाट नहीं कर सकते
यदि घुटनों में दर्द है या संतुलन की समस्या है तो 2–3 मिनट तक तेज कदमों से चलें, सीढ़ियां चढ़ें या कुर्सी से उठने-बैठने की एक्सरसाइज करें.
स्टेप 7: फिर अपने काम पर लौटें
एक्सरसाइज पूरी होने के बाद सामान्य रूप से काम शुरू कर दें. यही प्रक्रिया पूरे दिन दोहराएं.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
घुटनों के गंभीर दर्द वाले लोग.
गठिया के मरीज.
हाल ही में सर्जरी कराने वाले लोग.
संतुलन संबंधी समस्या वाले बुजुर्ग.
हृदय रोग या गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति.
ऐसे लोग डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेने के बाद ही यह एक्सरसाइज करें.
क्या हैं इसके फायदे?
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद.
इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो सकती है.
लंबे समय तक बैठे रहने के नुकसान कम हो सकते हैं.
पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.
शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है.
दिमाग और हृदय के स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है.
महत्वपूर्ण: यह अध्ययन स्वास्थ्य संबंधी एक शोध पर आधारित है. इसे मधुमेह के इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. यदि आपको डायबिटीज, हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो कोई भी नई एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.

