आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर सौरव गांगुली को सचिन और युवराज समेत क्रिकेट जगत ने दी बधाई

आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर सौरव गांगुली को सचिन और युवराज समेत क्रिकेट जगत ने दी बधाई

प्रेषित समय :19:43:10 PM / Thu, Jul 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने के बाद उन्हें देश-विदेश से लगातार बधाइयां मिल रही हैं. क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विश्व कप विजेता ऑलराउंडर युवराज सिंह ने गांगुली की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बताया. 54वें जन्मदिन पर आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले गांगुली इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले कुल 12वें भारतीय और 10वें भारतीय पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं.

सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने लंबे समय तक सौरव गांगुली के साथ भारतीय टीम के लिए ओपनिंग की और क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल सलामी जोड़ियों में से एक बनाई, ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि 14 साल की उम्र से एक-दूसरे को जानने के कारण अब बहुत कम बातें उन्हें चौंकाती हैं और आईसीसी हॉल ऑफ फेम में गांगुली का शामिल होना भी उनमें से एक नहीं है. उन्होंने कहा कि गांगुली को इस सम्मान के साथ देखना बेहद खुशी की बात है.

सचिन के इस संदेश का जवाब देते हुए सौरव गांगुली ने आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि सचिन जैसे महान खिलाड़ी के साथ उसी सूची में शामिल होना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है और इससे उन्हें बेहद संतोष मिला है.

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी अपने पूर्व कप्तान को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी तरह से उनके योग्य है. युवराज ने कहा कि गांगुली ने केवल एक टीम का निर्माण नहीं किया, बल्कि भारतीय क्रिकेटरों की पूरी पीढ़ी में आत्मविश्वास पैदा किया. उन्होंने कहा कि गांगुली की कप्तानी में खेलने और यादगार पल साझा करने का अवसर मिलना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है.

इस सम्मान की घोषणा के तुरंत बाद सौरव गांगुली ने भी आईसीसी और आईसीसी चेयरमैन जय शाह का आभार व्यक्त किया था. उन्होंने कहा कि आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है. उन्होंने इसे अपने क्रिकेट जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की सूची का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व का विषय है.

आईसीसी हॉल ऑफ फेम की शुरुआत वर्ष 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के शताब्दी समारोह के अवसर पर की गई थी. इस प्रतिष्ठित सूची में उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में असाधारण योगदान दिया हो. किसी भी खिलाड़ी को अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच के कम से कम पांच वर्ष बाद इस सम्मान के लिए पात्र माना जाता है.

सौरव गांगुली का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा. उन्होंने भारत के लिए 424 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 18,575 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 38 शतक और 107 अर्धशतक निकले. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 113 मैचों में 7,212 रन बनाए, जबकि 311 एकदिवसीय मुकाबलों में उनके नाम 11,363 रन दर्ज हैं. ऑफ साइड पर बेहतरीन शॉट खेलने की कला के कारण उन्हें 'गॉड ऑफ ऑफ साइड' के नाम से भी जाना जाता है.

कप्तान के रूप में भी सौरव गांगुली का योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. उन्होंने 196 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए 97 मुकाबलों में जीत दिलाई. उनकी अगुआई में भारत ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती, 2004 में पहली बार पाकिस्तान में टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की, 2000 आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी के फाइनल और 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया.

सौरव गांगुली को केवल एक सफल कप्तान ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में नई सोच और आत्मविश्वास लाने वाले नेता के रूप में भी याद किया जाता है. उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, जहीर खान, इरफान पठान और गौतम गंभीर जैसे युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया, जिन्होंने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और कई आईसीसी खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के साथ ही गांगुली के शानदार क्रिकेट करियर और भारतीय क्रिकेट में उनके ऐतिहासिक योगदान को एक और वैश्विक सम्मान मिल गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-