जबलपुर. नाबालिग लड़की के कथित शोषण और प्रसव से जुड़े मामले ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया. मामले में साईं अस्पताल की भूमिका को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए. कार्यकर्ताओं का कहना है कि नाबालिग का अस्पताल में प्रसव कराया गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने न तो उसके आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखे और न ही मामले की सूचना पुलिस को दी. घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच तेज कर दी है और अस्पताल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है.
जानकारी के अनुसार, मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़ा है, जिसका कथित रूप से साईं अस्पताल में प्रसव कराया गया था. आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज की उम्र, पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेजों का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि मामला नाबालिग से जुड़ा होने के बावजूद इसकी सूचना संबंधित पुलिस थाना या अन्य सक्षम प्राधिकार को नहीं दी गई. इसी को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर विरोध दर्ज कराया.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की जानकारी मांगी और आरोप लगाया कि यदि समय रहते पुलिस को सूचना दी जाती तो मामले की जांच पहले ही शुरू हो सकती थी. कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून के तहत तत्काल सूचना देना संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी होती है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर मानी जानी चाहिए.
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया. इसके बाद अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच शुरू की गई. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नाबालिग को अस्पताल में कब भर्ती किया गया, उपचार और प्रसव की प्रक्रिया किस परिस्थिति में हुई तथा क्या अस्पताल द्वारा निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

