जबलपुर. एमपी के नौरादेही (वीरांगना दुर्गावती) टाइगर रिजर्व में मिली एक घायल बाघिन में वायरस की आशंका के चलते उसे बीती देर रात जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक लाया गया. यहां उसका उपचार जारी है. राहत की बात यह है कि बाघिन के सैंपलों की कैनाइन डिस्टेंपर वायरस जांच निगेटिव आई है, हालांकि उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
करीब 15 से 18 महीने उम्र की इस बाघिन के पिछले पैरों में सूजन, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में चोट और लंबे समय से भूखा रहने के संकेत मिले हैं. चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ड्रिप लगाकर इलाज शुरू किया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है.
वन कर्मचारी पर हमले के बाद शुरू हुई थी तलाश-
वन विभाग के अनुसार 5 जुलाई 2026 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मोहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया था. श्रमिक और मौके पर मौजूद महिला वनरक्षक ने बताया था कि हमलावर बाघ के पंजे छोटे थे, जिससे उसके कम उम्र का होने का अनुमान लगाया गया. इसके बाद 7 जुलाई को सर्च अभियान के दौरान एक कम उम्र की बाघिन दिखाई दी, जिसके बारे में आशंका जताई गई कि हमला उसी ने किया था. उसके व्यवहार पर नजर रखने के लिए हाथियों की मदद से लगातार गश्त और निगरानी की गई.
भूखी और घायल मिली बाघिन-
8 जुलाई को हाथियों के महावत और वन अधिकारियों ने देखा कि बाघिन कई दिनों से भूखी है और उसके पिछले पैरों में चोट होने के कारण उसकी चाल सामान्य नहीं है. इसके बाद मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक के निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक की टीम को मौके पर बुलाया गया. 10 जुलाई को हाथियों की मदद से बाघिन को दोबारा तलाश कर बेहोश किया गया. प्रारंभिक परीक्षण में उसका पेट लगभग खाली मिला और पैरों में सूजन पाई गई. विस्तृत जांच और उपचार के लिए उसे जबलपुर भेज दिया गया.
कैनाइन डिस्टेंपर की जांच निगेटिव-
वन विभाग ने बताया कि कान्हा में हाल ही में सामने आए कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के मामलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर बाघिन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे. जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिससे फिलहाल वायरस की पुष्टि नहीं हुई है. इसके बावजूद विशेषज्ञ उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

