सात महीने बाद रिलीज होगी विजय की जन नायकन, भारत में कट्स के साथ तो यूके में अनकट दिखेगी फिल्म

सात महीने बाद रिलीज होगी विजय की जन नायकन, भारत में कट्स के साथ तो यूके में अनकट दिखेगी फिल्म

प्रेषित समय :21:30:25 PM / Sun, Jul 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

सात महीने के इंतजार के बाद रिलीज होगी विजय की जन नायकन, भारत में कट्स के साथ ए सर्टिफिकेट तो विदेश में अनकट संस्करण की एंट्री

चेन्नई. तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' आखिरकार सात महीने की लंबी देरी के बाद 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. यह फिल्म कई कारणों से पहले ही सुर्खियों में रही है, लेकिन अब इसकी रिलीज से पहले एक नया विवाद और चर्चा सामने आई है. भारत में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म में कई बदलाव और कट लगाने के बाद इसे 'ए' सर्टिफिकेट प्रदान किया है, जबकि यूनाइटेड किंगडम (यूके) में यही फिल्म बिना किसी कट या संशोधन के अनकट संस्करण में दर्शकों के सामने आएगी. इस अंतर ने फिल्म प्रेमियों और विजय के प्रशंसकों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

फिल्म के यूके वितरक अहिंसा एंटरटेनमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा करते हुए बताया कि 'जन नायकन' को ब्रिटेन में 15+ रेटिंग मिली है और फिल्म में किसी भी प्रकार का कट या बदलाव नहीं किया गया है. वितरक ने पोस्ट में लिखा कि दर्शक फिल्म को बिल्कुल उसी रूप में देखेंगे, जैसा निर्माता और निर्देशक ने तैयार किया था. इस घोषणा के बाद विजय के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उत्साह व्यक्त किया और कई लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी फिल्म का अनकट संस्करण देखने को मिल सकता है.

उधर भारत में फिल्म को सेंसर प्रक्रिया के दौरान लंबा इंतजार करना पड़ा. शुरुआत में निर्माताओं को उम्मीद थी कि फिल्म को यूए 16+ प्रमाणपत्र मिलेगा, लेकिन मामला अपेक्षा से अधिक जटिल हो गया. सेंसर बोर्ड की परीक्षण समिति के एक सदस्य द्वारा आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद फिल्म को संशोधित समिति के पास भेजा गया. इसके बाद लगभग सात महीने तक फिल्म की समीक्षा, सुनवाई और संशोधन की प्रक्रिया चलती रही. निर्माताओं ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन अंततः उन्हें राहत नहीं मिली और आवश्यक बदलावों के बाद फिल्म को ए सर्टिफिकेट जारी किया गया.

रिपोर्टों के अनुसार सीबीएफसी ने फिल्म में कई संवादों और दृश्यात्मक संदर्भों में संशोधन करने के निर्देश दिए. सबसे प्रमुख बदलाव विजय के राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) से जुड़े कथित संदर्भों को लेकर किया गया. बताया जा रहा है कि फिल्म में विजय के किरदार का नाम थलपति वेत्री कोंडन रखा गया था, जिसका संक्षिप्त रूप टीवीके बनता था. सेंसर बोर्ड ने इस संदर्भ को बदलने के निर्देश दिए, जिसके बाद निर्माताओं ने आवश्यक संशोधन किए. इसके अलावा फिल्म में डॉ. भीमराव आंबेडकर, 'ओम' और 'न्यू इंडिया' जैसे कुछ संवादों और दृश्यात्मक अंशों में भी बदलाव किए गए. कुछ नामों, आपत्तिजनक शब्दों और अन्य दृश्यों में भी संशोधन किए जाने की जानकारी सामने आई है.

फिल्म की रिलीज पहले जनवरी 2026 में प्रस्तावित थी. उस समय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक थे और राजनीतिक संदर्भों के कारण फिल्म विशेष चर्चा में थी. हालांकि सेंसर प्रक्रिया लंबी खिंचने के कारण रिलीज लगातार टलती रही. इसी दौरान विजय ने चुनावी राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने. अब फिल्म की रिलीज ऐसे समय हो रही है जब विजय राज्य के सर्वोच्च निर्वाचित पद पर हैं. इसी वजह से फिल्म के शुरुआती टाइटल कार्ड में भी बदलाव किया गया है. पहले जहां पर्दे पर 'थलपति विजय' प्रदर्शित किए जाने की चर्चा थी, वहीं अब दर्शकों को 'द ऑनरेबल चीफ मिनिस्टर ऑफ तमिलनाडु, सी. जोसेफ विजय' का नया परिचय देखने को मिलेगा.

निर्देशक एच. विनोथ के निर्देशन में बनी 'जन नायकन' को विजय के फिल्मी करियर की अंतिम फिल्म भी माना जा रहा है. राजनीतिक जीवन में पूरी तरह सक्रिय होने के बाद विजय ने फिल्मों से दूरी बनाने का संकेत दिया है. ऐसे में यह फिल्म उनके प्रशंसकों के लिए भावनात्मक महत्व भी रखती है. फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, ममिता बैजू और बॉबी देओल जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे. फिल्म को तेलुगु फिल्म 'भगवंत केसरी' से प्रेरित बताया जा रहा है, हालांकि निर्माताओं ने इसे अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है.

भारत और यूके में फिल्म के अलग-अलग संस्करण रिलीज होने की खबर ने सेंसरशिप को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का कहना है कि यदि किसी फिल्म का अनकट संस्करण दूसरे देश में प्रदर्शित किया जा सकता है तो भारतीय दर्शकों को भी वही अनुभव मिलना चाहिए. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि प्रत्येक देश के अपने सेंसर नियम और सांस्कृतिक मानदंड होते हैं, इसलिए प्रमाणन प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है.

फिल्म उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व की फिल्म होने के कारण 'जन नायकन' पहले से ही असाधारण चर्चा का विषय बनी हुई थी. सेंसर बोर्ड द्वारा किए गए संशोधनों और यूके में अनकट रिलीज की घोषणा ने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है. अब फिल्म के प्रदर्शन के साथ-साथ दर्शकों की प्रतिक्रिया, बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन और ओटीटी रिलीज को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है.

24 जुलाई को रिलीज होने जा रही 'जन नायकन' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि विजय के अभिनय करियर के संभावित अंतिम अध्याय के रूप में भी देखी जा रही है. यही कारण है कि भारत ही नहीं, विदेशों में भी उनके प्रशंसकों के बीच इस फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सेंसर संशोधनों के बाद भारतीय दर्शक फिल्म को किस तरह स्वीकार करते हैं और क्या भविष्य में इसका अनकट संस्करण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-