एमपी में गजब की चोरी: नरवर किले से साढ़े 3 हजार किलो वजनी तोप चोरी, क्रेन व लोडिंग ट्रक के साथ पहुंचे बदमाश

एमपी में गजब की चोरी: नरवर किले से साढ़े 3 हजार किलो वजनी तोप चोरी, क्रेन व लोडिंग ट्रक के साथ पहुंचे बदमाश

प्रेषित समय :19:06:51 PM / Fri, Jul 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

शिवपुरी. मध्य प्रदेश के शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले से 3500 किलो वजनी बहुमूल्य तोप चोरी की सनसनीखेज व हैरतअंगेज घटना सामने आई है. वारदात बुधवार-गुरुवार की रात के बीच हुई. बदमाशों ने लगभग 3 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दुर्गम किले से साढ़े 3 हजार किलो (साढ़े तीन टन) तोप कैसे चोरी की. बदमाश किले के पिछले हिस्से के पास पहुंचे और यहीं से घुसे. इतनी भारी भरकम तोप को ले जाना आसान नहीं है. बदमाश पूरी तैयारी से किले में अपने साथ क्रेन और ट्रक जैसे लोडिंग वाहन लेकर पहुंचे.

चोरी की इस घटना को देश की सबसे हैरतअंगेज माना जा रहा है. नरवर किला अपनी अभेद्य बनावट और ऊंचाई के लिए जाना जाता है. ऐसे में यह सवाल हर किसी को हैरान कर रहा है कि आखिर इतनी भारी-भरकम तोप को इतनी ऊंचाई से नीचे कैसे लाया गया? ऐसे में ये तय है कि इस वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है. चर्चा है कि चोरों ने रजाई-गद्दे का सहारा लिया. तोप के ऊपर लपेटा और किले की ऊंचाई से तोप को नीचे धकेल दिया, ताकि तोप की आवाज रात के सन्नाटे में किसी को सुनाई ना दे.

अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह पर शक

पुलिस जांच में ये बात भी पता चली है कि वारदात में 30 से 35 बदमाश शामिल रहे. इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हो सकते हैं, जो ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की धरोहरों की तस्करी करते हैं. क्योंकि बिना किसी भारी मशीनरी, क्रेन या बड़े वाहनों और स्थानीय स्तर पर रेकी के बगैर इतनी बड़ी वारदात संभव नहीं है.

सुरक्षा कर्मियों को हथियारों से धमकाया

नरवर किले पर कुल 14 ऐतिहासिक तोपें हैं, अब 13 बची हैं. नरवर किले की ओपन कचहरी परिसर में ये सारी तोपें रखी हैं. यहां पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात हैं. बताया जाता है कि लुटेरों ने हथियारों के दम पर सुरक्षा कर्मियों को चुप कर दिया. सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि शुरू में उन लोगों ने विरोध किया लेकिन लुटेरों ने जान से मारने की धमकी दी. चूंकि उनकी संख्या करीब 30-35 थी. इसलिए वे लोग डर गए. हालांकि पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही.

ये भी जानकारी मिली है कि लूट की इस वारदात से पहले कुछ दिनों से ये लुटेरे रेकी करते रहे. कई बार किले के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं. तोप चोरी की घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. किले के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में पुलिस जुटी है.

सभी रूटों के सीसीटीवी फुटेज की चेकिंग

शिवपुरी पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया का कहना है ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है. पुलिस की विशेष टीमें जांच-पड़ताल में जुटी हुई हैं. किले की ओर आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई है. आसपास के क्षेत्रों और संदिग्ध रूटों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया का कहना है इस ऐतिहासिक धरोहर का गायब होना देश की सांस्कृतिक विरासत को बड़ी चोट है. महोबिया ने इस बात को नकारा कि 30 से 35 बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-