जबलपुर. बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाना जबलपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष को महंगा पड़ गया. जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन मां नर्मदा के दर्शन करके लौट रहे थे, तभी मोटर मित्रा पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने उन्हें वाहन चेकिंग के दौरान रोक लिया. संदीप जैन अपनी दोपहिया गाड़ी एमपी 20 एसएस 3667 पर बिना हेलमेट के थे.
पुलिस ने सामान्य प्रक्रिया के तहत उनसे हेलमेट न होने पर 1000 रुपये का चालान मांगा. मौके पर मौजूद आम लोगों को लगा कि वे अपना प्रभाव दिखाकर बच जाएंगे, लेकिन संदीप जैन ने कोई भी नेतागिरी नहीं दिखाई. उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की, कोई तर्क नहीं दिया और शांति से जुर्माना राशि जमा कर दी. यह घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है.
नियमों का पालन किया
सड़क पर पुलिस चेकिंग के दौरान जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन को जब रोका गया, तो उन्होंने अपनी पहचान बताने के बजाय एक आम नागरिक की तरह व्यवहार किया. पुलिस टीम ने जब उनसे हेलमेट न होने पर सवाल किया, तो उन्होंने अपनी भूल मान ली. बिना किसी विवाद के 1000 रुपये का चालान भरते हुए उन्होंने पुलिस का सहयोग किया. उन्होंने जाते समय यह संदेश भी दिया कि नियम सभी के लिए समान हैं और कानून का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. इस सादगी और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार की मौके पर मौजूद सभी लोग सराहना कर रहे थे, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में बहस की खबरें सामने आती हैं.
मोबाइल कोर्ट टीम ने सख्ती से की कार्रवाई
जबलपुर में यातायात नियमों के प्रति पुलिस और प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है. मोटर मित्रा पेट्रोल पंप के पास विशेष मोबाइल कोर्ट लगाई गई थी, जहां न्यायिक अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन जांच अभियान चलाया. इस अभियान के तहत बिना हेलमेट, गलत नंबर प्लेट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की गई. टीम ने किसी को भी रियायत नहीं दी और मौके पर ही चालान काटे गए. इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में सड़क हादसों को कम करना और लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों को तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

