जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल ने मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा तथा ट्रेनों के सुरक्षित एवं निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक एवं प्रभावी तैयारियां की हैं. मंडल का सिविल इंजीनियरिंग विभाग आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी एवं विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे रेल नेटवर्क पर विशेष सतर्कता बरत रहा है.
मानसून के दौरान संभावित भारी वर्षा, जलभराव, बाढ़, मिट्टी के कटाव एवं अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील रेलखंडों, महत्वपूर्ण पुलों, कटिंग, तटबंधों तथा लो-लेवल सबवे (एलएचएस) पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है. इन स्थानों पर मानसून पेट्रोलमैन एवं स्टेशनरी वॉचमैन की तैनाती की गई है, जो विशेषकर भारी वर्षा के दौरान एवं उसके बाद नियमित रूप से ट्रैक का निरीक्षण कर किसी भी संभावित खतरे की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराते हैं.
इन कर्मचारियों की गश्त की निगरानी जीपीएस आधारित प्रणाली से की जा रही है तथा उनका रेलवे कंट्रोल कार्यालय एवं इंजीनियरिंग अधिकारियों से सतत संपर्क बना रहता है, जिससे किसी भी असामान्य स्थिति में तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा सकें.
मंडल ने किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए परिचालन, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत तथा इंजीनियरिंग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया है. साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग, बरगी बांध प्रबंधन एवं जिला प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए मौसम संबंधी प्रत्येक अलर्ट पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
महत्वपूर्ण पुलों पर वाटर लेवलिंग सिस्टम लगाया
महत्वपूर्ण पुलों पर जलस्तर की सतत निगरानी के लिए वॉटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम तथा चुनिंदा स्टेशनों पर तेज हवा की गति मापने हेतु एनीमोमीटर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त संवेदनशील पुलों, पुलियाओं, तटबंधों एवं कटिंग का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुदृढ़ीकरण कार्य भी पूर्ण किए गए हैं.
वर्षा जल निकासी का कार्य
वर्षा जल की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करने के लिए साइड ड्रेन, कैच वॉटर ड्रेन, जलमार्ग एवं पुलों के जल निकासी मार्गों की व्यापक सफाई एवं गाद निकासी का कार्य किया गया है. साथ ही रणनीतिक स्थानों पर गिट्टी, बड़े पत्थर, रेत की बोरियां, रेल, स्लीपर एवं अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग किया जा सके.
अधिकारी लगातार कर रहे निगरानी
मानसून अवधि के दौरान इंजीनियरिंग अधिकारी एवं अनुरक्षण दल चौबीसों घंटे निगरानी रखते हुए रेल पथ की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इन सभी सक्रिय उपायों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं भरोसेमंद रेल यात्रा उपलब्ध कराना तथा मौसम जनित चुनौतियों के बावजूद रेल सेवाओं को निर्बाध बनाए रखना है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

