बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां ठहरने और खाने-पीने के लिए जाने जाने वाले एक लग्जरी होटल को अवैध रसायनों के गोदाम (Illegal Warehouse) में बदल दिया गया था. सिरगिट्टी स्थित 'होटल गोल्डन स्टे' (Hotel Golden Stay) के प्रथम तल (First Floor) पर कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल (Agriculture Department Flying Squad) ने अचानक छापा मारकर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. कार्रवाई के दौरान होटल परिसर से भारी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित Pesticides (कीटनाशक) और Bio-Fertilizers (जैव खाद) जब्त किए गए हैं.
14 हजार लीटर और किग्रा सामग्री सील, सैंपल लैब भेजे गए
कृषि विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल की आड़ में बिना किसी वैध लाइसेंस (Valid License) के भारी मात्रा में कृषि रसायनों का स्टोरेज और सप्लाई की जा रही है. सूचना की पुष्टि होते ही उड़नदस्ता दल ने मंगलवार को होटल परिसर की घेराबंदी कर छापा मारा.
जांच के दौरान अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं. होटल के कमरे और हॉल, जहां मेहमानों की आवाजाही होनी चाहिए थी, वहां केमिकल और खाद के ड्रम व डिब्बे ठसाठस भरे हुए थे. मौके से विभाग ने:
लगभग 4,610 लीटर कीटनाशक दवाइयां (Pesticides)
लगभग 9,611 किलोग्राम जैव उत्प्रेरक खाद (Bio-Fertilizer)
कुल मिलाकर लगभग 14,000 लीटर/किग्रा से अधिक संदिग्ध सामग्री बरामद की गई. विभाग ने तत्काल प्रभाव से इस पूरे स्टॉक की बिक्री पर बैन (Prohibition) लगा दिया है. साथ ही, जब्त रसायनों की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशाला (Testing Lab) भेज दिए हैं.
बिना सेफ्टी मानकों के होटल में चल रहा था Chemical Storage
प्रारंभिक जांच (Preliminary Investigation) में पाया गया कि यह पूरा भंडारण बिना किसी वैध दस्तावेज, एग्रीकल्चर लाइसेंस और सुरक्षा मानकों (Safety Norms) के किया जा रहा था. होटल जैसे सार्वजनिक स्थान पर इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील और जहरीले कीटनाशक रखना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा था.
दिनभर चली इस मैराथन कार्रवाई के बाद पूरी सामग्री को जब्त कर गोदाम संचालक मनीष सिंह की सुपुर्दगी में रखकर सील कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी.
अमानक और नकली कृषि सामग्री के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन (Kharif Season) के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, बीज और दवाइयां उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अमानक (Substandard), नकली दवाओं और अवैध ब्लैक मार्केटिंग (Black Marketing) के खिलाफ पूरे जिले में यह सघन जांच अभियान (Inspection Drive) आगे भी जारी रहेगा, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार के आर्थिक या फसल नुकसान से बचाया जा सके.

