महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिली आर्थिक ताकत, बस्तर में विकास और रोजगार पर बोले सीएम साय

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिली आर्थिक ताकत, बस्तर में विकास और रोजगार पर बोले सीएम साय

प्रेषित समय :17:26:17 PM / Fri, Jul 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण, बस्तर के विकास, रोजगार और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा. उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं.

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68.50 लाख विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है. अब तक 29 किश्तों के माध्यम से 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राहियों तक पहुंचाई जा चुकी है.

उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. कई महिलाएं सिलाई, छोटी दुकान और अन्य व्यवसाय शुरू कर रही हैं, वहीं परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां महिलाओं ने अपनी बचत से श्रीराम मंदिर निर्माण की शुरुआत की है.

30 लाख से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 2.86 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 30 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं. सरकार रेडी-टू-ईट योजना, आसान ऋण और अन्य योजनाओं के जरिए इन समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है.

बस्तर में विकास की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सल हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विकास और पर्यटन का केंद्र बन रहा है. ‘नियद नेल्ला नार’ अभियान के जरिए 500 से अधिक दूरस्थ गांवों तक राशन, आयुष्मान कार्ड और 17 विभागों की सरकारी सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 36 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है. वहीं इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित देउरगांव और मटनार सिंचाई परियोजनाओं से करीब 80 हजार एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी.

पर्यटन, होम-स्टे और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकोट, कुटुमसर और धुड़मारास जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा रहा है. नई औद्योगिक नीति के तहत स्थानीय लोगों को पांच कमरों तक के होम-स्टे निर्माण पर सब्सिडी दी जाएगी, जिससे ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

धर्मांतरण, यूसीसी और भर्तियों पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रलोभन, दबाव या छल से होने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 लागू किया गया है. समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए गठित समिति भी अपना कार्य कर रही है और सरकार आगामी शीतकालीन सत्र तक इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है.

उन्होंने बताया कि पीएससी भर्ती अनियमितता मामले की सीबीआई जांच जारी है. साथ ही प्रदेश में जल्द 5,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है.

कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें स्वरोजगार शुरू करने तथा बच्चों की शिक्षा जैसे जरूरी खर्च पूरे करने में मदद की है.