जबलपुर के बरगी में पत्नी-सौतेली बेटी के हत्यारे को फांसी, कोर्ट ने माना जघन्य अपराध, एक साल में आया फैसला

जबलपुर के बरगी में पत्नी-सौतेली बेटी के हत्यारे को फांसी, कोर्ट ने माना जघन्य अपराध, एक साल में आया फैसला

प्रेषित समय :15:45:17 PM / Sat, Jul 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में जिला न्यायालय ने दोहरे हत्याकांड में 13 माह के भीतर दोषी युवक को फांसी की सजा सुनाई है. घटना बरगी थाना क्षेत्र में 6 जून 2025 की रात हुई थी. आरोपी ने अपनी पत्नी और नाबालिग सौतेली बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी.

इस दोहरे हत्याकांड को कोर्ट ने जघन्य अपराध मानते हुए हत्यारे रामजी भूमिया को फांसी की सजा से दंडित किया. खास बात यह है कि इस मामले में महज 13 माह में ही फास्ट ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई और इसके बाद आरोपी को सजा सुनाई गई. दर्शन 6 जून 2025 को फरियादी आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान ने बरगी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने बताया था कि वह अपने परिवार के साथ बसंत नगर, बरगी में रहता है. रामजी भूमिया शराब पीकर आए दिन उसकी मां राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो और बहन महक भूमिया के साथ मारपीट करता था. घटना वाले दिन उसने दोनों की धारदार हथियार से हत्या कर दी.

आशीष भूमिया ने पुलिस को बताया कि रामजी ने अंजुम बानो उर्फ राधा भूमिया से दूसरी शादी की थी. मां और बहन उसके साथ रहती थीं. 10 से 12 साल पहले पिता राशिद शाह ने मां को छोड़ दिया था. इसके बाद मां ने बरगी निवासी रामजी भूमिया से शादी कर ली थी और उसके साथ रह रही थीं. 6 जून 2025 की रात करीब 9:30 बजे वह बाजार में था. इसी दौरान बहन महक का फोन आया कि, "भैया, जल्दी घर आओ, मम्मी-पापा लड़ रहे हैं." तब वह घर पहुंचा तो देखा कि मम्मी और रामजी के बीच लड़ाई चल रही थी. दोनों को समझाने के बाद आशीष घर के बाहर आ गया. कुछ ही देर बाद फिर महक के चिल्लाने की आवाज आई. वह दौड़कर अंदर पहुंचा तो देखा कि मम्मी और महक दोनों खून से लथपथ पड़ी थीं. रामजी हाथ में बका लिए खड़ा था. उसे देखकर वह मौके से भाग गया. घटना में राधा भूमिया के कान, सिर और गले में गंभीर चोटें थीं, वहीं महक के सिर में भी गंभीर चोट लगी थी. दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी.

घटना के बाद आरोपी को किया गिरफ्तार-

सूचना मिलने के बाद बरगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोहरे हत्याकांड का मामला दर्ज कर रामजी भूमिया को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ धारा 103 और 109 के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया. दोहरे हत्याकांड की विवेचना निरीक्षक कमलेश चौरैया और जितेंद्र पाटकर और बरगी चौकी प्रभारी रही एसआई सरिता पटेल ने की. जिला अभियोजन अधिकारी अभिषेक दीक्षित के मार्गदर्शन में बबीता कुल्हारा ने कोर्ट में सतत पैरवी करते हुए आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-