सुको का राम मंदिर दान चोरी जांच की मॉनिटरिंग से इनकार, एसआईटी में सीए शामिल करने का दिया आदेश

सुको का राम मंदिर दान चोरी जांच की मॉनिटरिंग से इनकार, एसआईटी में सीए शामिल करने का दिया आदेश

प्रेषित समय :17:26:35 PM / Mon, Jul 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई है. शीर्ष अदालत ने मामले की जांच की सीधी निगरानी (मॉनिटरिंग) करने से तो साफ इनकार कर दिया है, लेकिन जांच को पूरी तरह निष्पक्ष, सही और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा निर्देश दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित की जा रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और फॉरेंसिक ऑडिटर को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.

मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने याचिकाकर्ता की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से इस पूरी जांच की सीधी निगरानी करने का अनुरोध किया गया था. अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम जांच की मॉनिटरिंग नहीं करेंगे, लेकिन यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, सही और पारदर्शी हो. वित्तीय मामलों की बारीकी से जांच के लिए ही कोर्ट ने एसआईटी में फॉरेंसिक ऑडिटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट को बतौर सदस्य शामिल करने का आदेश दिया है.

यूपी सरकार के सुझाए नामों से बनी एसआईटी, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुझाए गए अधिकारियों के नामों के आधार पर एसआईटी का गठन किया जा रहा है. इस उच्च स्तरीय जांच टीम का नेतृत्व एस. किरण कर रहे हैं, जबकि उनके साथ डीआईजी, आईजी और एसपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी टीम का हिस्सा हैं. कोर्ट ने एसआईटी को जांच की तेजी से आगे बढ़ाने और अब तक की प्रगति पर दो सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब दो हफ्ते बाद होगी.

रसीदों को वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने अदालत में दलील दी कि देश भर से आम लोगों ने 100 और 500 रुपये जैसी छोटी-बड़ी राशियां दान में दी थीं. इस चंदे की रसीदें भी जारी हुई थीं, लेकिन आरोप है कि यह पैसा ट्रस्ट तक पहुंचा ही नहीं. उन्होंने मांग की कि पारदर्शिता के लिए ट्रस्ट की सभी रसीदों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाए. इस पर सीजेआई ने कहा कि फिलहाल एसआईटी को अपनी जांच रिपोर्ट देने दें. कोर्ट ने भरोसा दिलाया कि इस घटना की गहन जांच की जा रही है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-