-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्.
ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शङ्करप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी.
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
* देवी त्रिपुरा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
* देवी का द्वितीय स्वरूप- देवी ब्रह्मचारिणी हैं, जिनकी हर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर पूजा-अर्चना की जाती है.
* क्योंकि, देवी ब्रह्मचारिणी ने शिवजी के लिए केवल फल-फूल-पत्ते खाकर घोर तपस्या की थी, इसलिए जो श्रद्धालु तपस्या में मनोबल बनाए रखना चाहते हैं, वे देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें.
* देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना से मंगल ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है, इसलिए जिनकी कुंडली में मंगल दोष है, जिनकी राशि मेष या वृश्चिक है, उन्हें देवी की आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
* भूमि प्राप्ति, ऋण मुक्ति, रक्त रोग मुक्ति और पदोन्नति के लिए देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करें.
* जिन श्रद्धालुओं के रक्त संबंधियों से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
* देवी ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएं हाथ में कमंडल रहता है.
* इस अवसर पर ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है जिनकी सगाई हो गई है, लेकिन शुभ-विवाह नहीं हुआ है.
* मनोकामना पूर्ण करने के लिए संकल्प लेकर हर मंगलवार को व्रत करें और देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करें.
* आज का राशिफल : 28 जुलाई 2026
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन राशियों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, वृषभ राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, शिवोपासना करें!
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
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