आज का दिन- 29 जुलाई 2026, तस्मै श्रीगुरवे नमः!

आज का दिन- 29 जुलाई 2026, तस्मै श्रीगुरवे नमः!

प्रेषित समय :21:11:59 PM / Tue, Jul 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963)
* गुरु पूर्णिमा - 29 जुलाई 2026, बुधवार
* पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 28 जुलाई 2026 को 06:18 पीएम बजे
* पूर्णिमा तिथि समाप्त - 29 जुलाई 2026 को 08:05 पीएम बजे

॥ श्रीगुरुस्तोत्रम् ॥
अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् .
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 1॥
अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया .
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 2॥
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः .
गुरुरेव परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 3॥
स्थावरं जङ्गमं व्याप्तं यत्किञ्चित्सचराचरम् .
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 4॥
चिन्मयं व्यापि यत्सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम् .
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 5॥
सर्वश्रुतिशिरोरत्नविराजितपदाम्बुजः .
वेदान्ताम्बुजसूर्यो यः तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 6॥
चैतन्यश्शाश्वतश्शान्तः व्योमातीतो निरञ्जनः .
बिन्दुनादकलातीतः तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 7॥
ज्ञानशक्तिसमारूढः तत्त्वमालाविभूषितः .
भुक्तिमुक्तिप्रदाता च तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 8॥
अनेकजन्मसम्प्राप्तकर्मबन्धविदाहिने .
आत्मज्ञानप्रदानेन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 9॥
शोषणं भवसिन्धोश्च ज्ञापनं सारसम्पदः .
गुरोः पादोदकं सम्यक् तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 10॥
न गुरोरधिकं तत्त्वं न गुरोरधिकं तपः .
तत्त्वज्ञानात् परं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 11॥
मन्नाथः श्रीजगन्नाथः मद्गुरुः श्रीजगद्गुरुः .
मदात्मा सर्वभूतात्मा तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 12॥
गुरुरादिरनादिश्च गुरुः परमदैवतम् .
गुरोः परतरं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ 13॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव . त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव .
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव . त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥ 14॥
॥ इति श्रीगुरुस्तोत्रम् ॥
* आज का राशिफल : 29 जुलाई 2026
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशियों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, मिथुन राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, शिवोपासना करें!
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

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