टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने सुनाया पीछा किए जाने का दर्दनाक अनुभव, बोलीं स्टॉकिंग के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी

टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने सुनाया पीछा किए जाने का दर्दनाक अनुभव, बोलीं स्टॉकिंग के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी

प्रेषित समय :19:38:36 PM / Sat, Aug 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने अपने किशोरावस्था के दिनों का एक भयावह अनुभव साझा करते हुए बताया कि इंदौर में पढ़ाई के दौरान एक युवक लंबे समय तक उनका पीछा करता था और सार्वजनिक स्थानों पर उनके तथा अपने नाम साथ-साथ लिख देता था. अभिनेत्री ने कहा कि यह घटना उनके जीवन के सबसे डरावने अनुभवों में से एक थी, जिसने न केवल उन्हें बल्कि उनके पूरे परिवार को मानसिक रूप से भयभीत कर दिया था. उन्होंने महिलाओं और युवतियों से अपील की कि स्टॉकिंग और उत्पीड़न जैसी घटनाओं को कभी नजरअंदाज न करें और समय रहते इसके खिलाफ आवाज उठाएं.

एक बातचीत के दौरान शुभांगी अत्रे ने बताया कि उस समय वह इंदौर में 10वीं और 11वीं कक्षा की छात्रा थीं. उन्होंने कहा कि एक युवक लगातार उनका पीछा करता था और उनके घर के आसपास की सड़कों, दीवारों और इमारतों पर अपना और उनका नाम एक साथ लिख देता था. स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि जब भी परिवार घर का दरवाजा खोलता, सामने की दीवार पर वही नाम लिखा दिखाई देता था. इस कारण पूरे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था.

अभिनेत्री ने बताया कि वह युवक अक्सर बाइक पर उनका पीछा करता और उनके आसपास चक्कर लगाता रहता था. इस व्यवहार से परिवार लगातार चिंतित रहता था. आखिरकार उनकी बहन ने उस युवक से बात की और समझाया कि इस तरह की हरकतों से कुछ हासिल नहीं होगा. उन्होंने उससे कहा कि पहले अपने जीवन में कुछ बनो, कोई उपलब्धि हासिल करो और फिर सम्मानजनक तरीके से बात करने आना. शुभांगी ने कहा कि उस समय परिवार बेहद डरा हुआ था क्योंकि महिलाओं के खिलाफ अपराधों और यौन हिंसा की घटनाओं की खबरें लगातार सामने आती रहती थीं, जिससे किसी भी परिवार की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है.

शुभांगी अत्रे ने कहा कि स्टॉकिंग जैसी घटनाएं किसी भी लड़की के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती हैं. कई बार प्रतिभाशाली लड़कियां भी डर के कारण घर से बाहर निकलने या अपने सपनों को पूरा करने से हिचकने लगती हैं. उनका मानना है कि ऐसे मामलों में चुप रहने के बजाय समय रहते परिवार, मित्रों और संबंधित अधिकारियों को जानकारी देना आवश्यक है ताकि स्थिति गंभीर होने से पहले उचित कदम उठाए जा सकें.

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में लड़कियां पहले की तुलना में अधिक जागरूक और सतर्क हुई हैं. उनके अनुसार आज की युवा पीढ़ी लोगों और परिस्थितियों को लेकर अधिक सजग रहती है, जो एक सकारात्मक बदलाव है. उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज में जागरूकता बढ़ने से महिलाओं के प्रति इस प्रकार के व्यवहार में कमी आएगी और पीड़िताओं को अपनी बात रखने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा.

शुभांगी अत्रे भारतीय टेलीविजन की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं. उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत लोकप्रिय धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' से की थी. इसके बाद उन्हें 'कस्तूरी' में मुख्य भूमिका निभाने का अवसर मिला, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. वर्ष 2007 से 2009 तक प्रसारित इस धारावाहिक में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई और वे छोटे पर्दे की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं.

बाद में वर्ष 2016 में उन्होंने लोकप्रिय कॉमेडी धारावाहिक 'भाबीजी घर पर हैं!' में अंगूरी भाभी का किरदार निभाना शुरू किया. उनकी सरल, मासूम और हास्यपूर्ण अभिनय शैली के साथ संवाद अदायगी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुई. इस भूमिका ने उन्हें नई पहचान दिलाई और वे लंबे समय तक इस किरदार के कारण चर्चा में रहीं. इसके अलावा उन्होंने 'चिड़ियाघर', 'अधूरी कहानी हमारी', 'हवन' और 'दो हंसों का जोड़ा' जैसे कई धारावाहिकों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं.

अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए शुभांगी अत्रे ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि स्टॉकिंग और उत्पीड़न जैसी घटनाओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि समाज, परिवार और संबंधित संस्थाओं को मिलकर ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना होगा, जहां हर लड़की बिना भय के अपनी शिक्षा, करियर और सपनों को पूरा कर सके. उनके अनुसार जागरूकता, समय पर शिकायत और परिवार का सहयोग ऐसी परिस्थितियों से निपटने के सबसे प्रभावी उपाय हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-