भारत में महंगा हुआ PS5 एआई चिप, संकट के बीच सोनी ने एक झटके में 15 हजार रुपये बढ़ाई कीमत

भारत में महंगा हुआ PS5 एआई चिप, संकट के बीच सोनी ने एक झटके में 15 हजार रुपये बढ़ाई कीमत

प्रेषित समय :20:09:19 PM / Sat, Aug 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली। गेमिंग के शौकीनों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। जापानी टेक कंपनी Sony ने भारत में अपने लोकप्रिय गेमिंग कंसोल PlayStation 5 (PS5) की कीमत में भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब भारतीय ग्राहकों को PS5 स्टैंडर्ड (डिस्क) एडिशन खरीदने के लिए पहले की तुलना में 15,000 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। कंपनी ने इसकी नई कीमत 69,990 रुपये तय की है, जबकि इससे पहले यह कंसोल 54,990 रुपये में उपलब्ध था। इस बढ़ोतरी के साथ PS5 की कीमत में लगभग 28 प्रतिशत का इजाफा हो गया है।

सोनी ने अपने आधिकारिक ऑनलाइन स्टोर ShopAtSC पर PS5 डिस्क एडिशन को नई कीमत के साथ सूचीबद्ध कर दिया है। कंपनी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की आपूर्ति पर बढ़ते दबाव तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों की तेज मांग के कारण उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि हुई है। इसी वजह से कंपनी को भारत सहित कई देशों में कीमतों में संशोधन करना पड़ा है।

दरअसल, पिछले एक वर्ष के दौरान दुनिया भर में AI आधारित डेटा सेंटर, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। RAM, NAND Flash और अन्य सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स की उपलब्धता पर इसका सीधा असर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गेमिंग कंसोल, ग्राफिक्स कार्ड और कंप्यूटर हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों को अब पहले की तुलना में अधिक लागत पर कंपोनेंट्स खरीदने पड़ रहे हैं, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।

भारत में कीमत बढ़ाने से पहले सोनी कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी PS5 के दाम बढ़ा चुकी है। इस वर्ष की शुरुआत में कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन, जापान सहित कई देशों में PlayStation 5, PS5 Pro और PlayStation Portal Remote Player की कीमतों में वृद्धि की थी। इसके बाद अप्रैल में दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों जैसे थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और वियतनाम में भी कीमतें बढ़ाई गई थीं। अब इसी क्रम में भारतीय बाजार भी शामिल हो गया है।

यह पहली बार नहीं है जब भारत में PS5 की कीमतों में बदलाव किया गया हो। पिछले वर्ष जुलाई में कंपनी ने PS5 डिजिटल एडिशन की कीमत 44,990 रुपये से बढ़ाकर 49,990 रुपये कर दी थी। उस समय केवल डिजिटल संस्करण महंगा हुआ था, जबकि स्टैंडर्ड डिस्क एडिशन की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि इस बार कंपनी ने स्टैंडर्ड मॉडल की कीमत में सीधे 15,000 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे गेमिंग समुदाय में निराशा देखने को मिल रही है।

सोनी ने विभिन्न देशों में कीमत बढ़ाने के पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती उत्पादन लागत और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों को प्रमुख कारण बताया है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, विशेष रूप से मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे गेमिंग हार्डवेयर का निर्माण पहले की तुलना में अधिक महंगा हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग ने सेमीकंडक्टर उद्योग की दिशा बदल दी है। बड़ी टेक कंपनियां AI सर्वर और डेटा सेंटर के लिए भारी मात्रा में हाई-स्पीड मेमोरी खरीद रही हैं। परिणामस्वरूप उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसी कारण गेमिंग पीसी, ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPU), हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस और गेमिंग कंसोल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।

विश्लेषकों के अनुसार इसका असर केवल Sony तक सीमित नहीं रहेगा। Microsoft के Xbox Series S और Series X, Nintendo के Switch 2 तथा अन्य गेमिंग हार्डवेयर निर्माताओं पर भी उत्पादन लागत बढ़ने का दबाव बना हुआ है। कई कंपनियां पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि यदि सेमीकंडक्टर बाजार में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

हाल ही में गेमिंग प्लेटफॉर्म Valve ने भी अपने नए Steam Machine की कीमत लगभग 1,049 अमेरिकी डॉलर रखी थी। कंपनी ने स्पष्ट किया था कि यह कीमत हार्डवेयर कंपोनेंट्स और निर्माण लागत के आधार पर तय की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक गेमिंग उद्योग महंगे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के दौर से गुजर रहा है।

गेमिंग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे तेजी से बढ़ते गेमिंग बाजार में PS5 की कीमत बढ़ने से कुछ उपभोक्ता फिलहाल खरीदारी टाल सकते हैं। वहीं कई खरीदार डिस्काउंट ऑफर, फेस्टिव सेल या बैंक ऑफर का इंतजार कर सकते हैं। हालांकि जिन उपयोगकर्ताओं के लिए PlayStation एक्सक्लूसिव गेम्स प्राथमिकता हैं, उनके लिए यह बढ़ी हुई कीमत के बावजूद आकर्षक विकल्प बना रहेगा।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक चिप आपूर्ति सामान्य नहीं होती और AI सेक्टर की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले समय में गेमिंग हार्डवेयर की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारत में PS5 खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को अब पहले की तुलना में 15,000 रुपये अधिक खर्च करने होंगे, जिससे गेमिंग कंसोल खरीदना पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-