मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स के रूप में विकसित करने की घोषणा

मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स के रूप में विकसित करने की घोषणा

प्रेषित समय :17:12:17 PM / Sat, Aug 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर को विकास की कई बड़ी सौगातें देते हुए मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स के रूप में विकसित करने की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने शहर में फर्नीचर क्लस्टर स्थापित करने तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय खोलने का भी ऐलान किया. नगर निगम द्वारा आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन समारोह में मुख्यमंत्री ने 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अमृत 1.0 सीवेज परियोजना का लोकार्पण करते हुए कहा कि जबलपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी शहर बनाया जाएगा.

घंटाघर स्थित गीता भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जबलपुर को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स स्तर की सुविधाओं से विकसित किया जाएगा, ताकि महाकौशल सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े.

मुख्यमंत्री ने शहर के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए फर्नीचर क्लस्टर स्थापित करने की घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा जबलपुर का पारंपरिक फर्नीचर उद्योग नई पहचान हासिल करेगा. इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की नई शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 362.31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अमृत 1.0 सीवेज परियोजना का लोकार्पण किया. इस परियोजना से शहर की सीवेज व्यवस्था मजबूत होगी, स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि शहरी विकास के लिए आधुनिक सीवेज प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है और यह परियोजना जबलपुर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

मुख्यमंत्री ने सिविल लाइन क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडर्न लॉन्ड्री का शुभारंभ भी किया. इसके अलावा गुरंदी में लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पक्के मत्स्य बाजार का लोकार्पण किया गया. इस आधुनिक बाजार में 55 मछली कारोबारियों को व्यवस्थित और सुविधायुक्त दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनका व्यवसाय अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगा.

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड भी वितरित किए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और डिजिटल व्यवस्था से उन्हें पारदर्शी एवं सुविधाजनक वित्तीय सेवाओं का लाभ मिलेगा.

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डुमना नेचर पार्क पहुंचकर "कैच द रेन" अभियान के अंतर्गत वर्षा जल संरक्षण प्रणाली का शुभारंभ किया तथा जापान की मियावाकी पद्धति से पौधारोपण कर नगर निगम के 11 लाख पौधारोपण महाअभियान की शुरुआत की. उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल भवनों और सड़कों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण और आधारभूत सुविधाओं का संतुलित विस्तार ही किसी शहर की वास्तविक प्रगति का आधार होता है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की नई घोषणाओं और विकास परियोजनाओं से जबलपुर आने वाले वर्षों में प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-