कर्नाटक सरकार का बच्चों की सेहत पर बड़ा फैसला: स्कूल-कॉलेज के 50 मीटर के दायरे में नहीं बिकेगा जंक फूड

कर्नाटक सरकार का बच्चों की सेहत पर बड़ा फैसला: स्कूल-कॉलेज के 50 मीटर के दायरे में नहीं बिकेगा जंक फूड

प्रेषित समय :15:05:07 PM / Sun, Aug 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार ने बच्चों और युवाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है. राज्य के फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसडीए) ने नई एडवाइजरी जारी करते हुए स्कूलों और कॉलेजों के 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट यानी जंक फूड की बिक्री हतोत्साहित करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही स्कूलों में पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

यह फैसला जुलाई महीने में राज्यभर के 134 स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के बाद लिया गया. जांच के दौरान कई दुकानों पर बच्चों को चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड स्नैक्स और अन्य हाई फैट-शुगर वाले खाद्य पदार्थ बेचे जाते पाए गए.

क्या है सरकार की नई एडवाइजरी?

एफएसडीए ने 24 जुलाई को जारी एडवाइजरी में कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसरों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री को हतोत्साहित किया जाए और स्वस्थ भोजन को बढ़ावा दिया जाए. साथ ही सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को Food Safety and Standards Act, 2006 और संबंधित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.  राज्य के सभी जिला अधिकारियों और फूड सेफ्टी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल प्रबंधन, दुकानदारों और आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएं.

स्कूलों के खाने पर भी रहेगी नजर

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे व्हाइट ब्रेड, पास्ता और प्रोसेस्ड स्नैक्स की मात्रा अधिक थी. एफएसडीए ने कहा कि ऐसे भोजन से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. इसलिए स्कूलों को ऐसे भोजन के साथ प्रोटीन और हेल्दी फैट का संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि बच्चों को लंबे समय तक ऊर्जा मिले और उनकी पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहे.

मेन्यू में शामिल करने की सलाह

सरकार ने स्कूलों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए मेन्यू में इन चीजों को शामिल करने की सिफारिश की है— साबुत अनाज, दालें और फलियां, मोटे अनाज, दूध और अंडे, ताजी व मौसमी सब्जियां और फल, फोर्टिफाइड आटा, चावल, दूध और खाद्य तेल, डबल फोर्टिफाइड नमक.

नियम तोडऩे पर होगी सख्त कार्रवाई

एफएसडीए ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें— सुधार नोटिस जारी करना, लाइसेंस निलंबित या रद्द करना, खाद्य सामग्री जब्त करना, आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई करना, जैसे कदम शामिल हैं.

क्यों लिया गया यह फैसला?

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में मोटापा, डायबिटीज और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के पीछे जंक फूड का अधिक सेवन एक बड़ी वजह है. सरकार का मानना है कि स्कूलों के आसपास स्वस्थ खाद्य वातावरण तैयार करने से बच्चों में बेहतर खानपान की आदत विकसित होगी और उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-