बांकीपुर उपचुनाव में नाम का नहीं चला जादू, लालू प्रसाद और नीतीश कुमार नाम के प्रत्याशियों की जमानत जब्त

बांकीपुर उपचुनाव में नाम का नहीं चला जादू, लालू प्रसाद और नीतीश कुमार नाम के प्रत्याशियों की जमानत जब्त

प्रेषित समय :22:41:53 PM / Mon, Aug 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पटना। बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एक दिलचस्प चुनावी तस्वीर सामने आई। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर मतदाताओं को लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार नाम दिखाई दिए, लेकिन ये बिहार की राजनीति के चर्चित नेता नहीं, बल्कि उन्हीं के नाम वाले निर्दलीय प्रत्याशी थे। दोनों उम्मीदवार चुनाव में 150 वोट का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके और उनकी जमानत जब्त हो गई।

निर्दलीय उम्मीदवार लालू प्रसाद यादव को केवल 81 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 0.06 प्रतिशत रहा। वहीं दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार नीतीश कुमार को 149 वोट प्राप्त हुए, जो कुल मतों का करीब 0.11 प्रतिशत है। दोनों प्रत्याशी निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मत प्राप्त करने की सीमा से काफी पीछे रहे।

निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार यदि कोई उम्मीदवार कुल वैध मतों का एक-छठा (1/6) हिस्सा प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। इसी प्रावधान के तहत दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों की जमानत राजकोष में जमा हो जाएगी।

बांकीपुर उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें आठ निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल थे। हालांकि पूरे चुनाव में सबसे अधिक चर्चा जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की रही, जिन्होंने अपने पहले ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले गढ़ में जीत दर्ज कर राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

प्रशांत किशोर ने 64,151 वोट हासिल करते हुए भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के अंतर से पराजित किया। भाजपा ने नीरज कुमार को अंतिम समय में मैदान में उतारा था, क्योंकि पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक "बंटी" ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था।

यह उपचुनाव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण कराया गया था। राष्ट्रीय जनता दल ने इस सीट से रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी वह इसी सीट से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन इस बार भी उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्हें इस उपचुनाव में 14,273 वोट प्राप्त हुए।

करीब 3.80 लाख मतदाताओं वाले बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत 34.30 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में हुए 41.45 प्रतिशत मतदान की तुलना में काफी कम रहा।

बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों ने जहां प्रशांत किशोर की चुनावी शुरुआत को सुर्खियों में ला दिया, वहीं समान नाम वाले निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बना रहा। चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि लोकतांत्रिक चुनावों में केवल नाम की समानता मतदाताओं का समर्थन हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं होती।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-