जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक महिला सहित 90 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़े 3 संविदा नर्सिंगकर्मियों ने आत्महत्या की चेतावनी दी है. साथ ही पेट्रोल की बोतल दिखाई. कपड़ा जलाकर विरोध जताया. वहीं, मौके पर संविदा नर्सिंगकर्मियों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है. मौके पर पुलिस फोर्स भी बढ़ाई गई है. नीचे मौजूद संविदा नर्सिंगकर्मी जैसे ही पानी की टंकी के आस-पास आते हैं, पुलिस के जवान उन्हें कुछ दूर खदेड़ देते हैं.
एक दिन पहले टंकी पर चढ़े थे
दरअसल, संविदा नर्सिंगकर्मी विमल शर्मा (32), रॉबिन शर्मा (28) और संजीता चौधरी (30) शुक्रवार तड़के 3:40 बजे जयपुरिया हॉस्पिटल परिसर की टंकी पर चढ़ गए थे. शनिवार को दूसरे दिन भी तीनों पानी की टंकी पर मौजूद हैं. मौके पर पुलिस के साथ ही सिविल डिफेंस की टीम भी मौजूद है. नर्सेस भर्ती संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष रोशन शर्मा ने बताया- साथियों को टंकी पर चढ़े 40 घंटे से ज्यादा हो गया है. उनके मोबाइल की बैटरी भी खत्म हो गई है. उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. हमारे साथी प्रशासन से बात करने गए थे, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है. अभी भी पेट्रोल की बोतल हाथ में है. साथ ही लाल कपड़ा भी है. हमारा एक साथी 12 जून को इसी अवसाद में खत्म हुआ है. मांग जल्द ही पूरी होनी चाहिए. संविदा नर्सिंगकर्मी ने बताया- दो दिन से हमारे बहन-भाई टंकी पर चढ़े हुए हैं. एक बहन टंकी पर चढ़ी हुई है, प्रशासन से कोई देखने तक नहीं आया. ये कैसा प्राशासन है.
स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिला
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं में हजारों नर्सिंगकर्मी कई साल से कार्यरत हैं. इनमें NHM, NRHM, संविदा, निविदा, UTB, प्लेसमेंट एजेंसी, PPP मोड, MRS, NGO, 108, 104-ममता, MMU, MMV और जनता क्लिनिक शामिल हैं. इनमें से कई कर्मचारियों को 8 से 10 साल या उससे ज्यादा समय हो चुका है. लेकिन अब तक उन्हें नियमित (स्थायी) नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सका है.
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