कोलंबो। भारत और श्रीलंका क्रिकेट एकादश के बीच खेले जा रहे अभ्यास मुकाबले के दूसरे दिन भारतीय पारी के आखिरी ओवर में गुरनूर बराड़ ने ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की कि भारतीय डगआउट में बैठे मुख्य कोच गौतम गंभीर भी अपनी खुशी नहीं छिपा सके। पारी के अंतिम ओवर में बराड़ ने बाएं हाथ के स्पिनर दिलुम सुदीरा को निशाना बनाते हुए चार छक्के जड़ दिए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को 350 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और मुकाबले के अंत में अचानक रोमांच पैदा कर दिया।
भारत की पारी जब अंतिम ओवर में पहुंची तो ऐसा लग रहा था कि टीम 350 रन के आसपास ही रुक जाएगी। लेकिन बराड़ ने कुछ ही गेंदों में पूरा समीकरण बदल दिया। देवदत्त पडिक्कल ने ओवर की पहली गेंद पर एक रन लिया, जिसके बाद स्ट्राइक पर आए बराड़ ने सुदीरा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने लगातार बड़े शॉट लगाए और पांच गेंदों के भीतर चार छक्के जड़कर भारतीय स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। उपलब्ध स्कोर विवरण के अनुसार बराड़ ने 18 गेंदों में 36 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा।
बराड़ ने दूसरे गेंद पर डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया। इसके बाद उन्होंने अगली गेंद को सीधे मैदान के ऊपर से सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। तीसरी गेंद पर वह चौका हासिल नहीं कर सके, लेकिन इसके बाद फिर बड़े शॉट के लिए गए और डीप मिडविकेट के ऊपर से तीसरा छक्का जड़ दिया। ओवर की आखिरी गेंद पर बराड़ ने डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से गेंद को हवा में भेजते हुए एक और छक्का लगा दिया। इस तरह अंतिम ओवर भारत के लिए पूरी तरह बराड़ के नाम रहा।
बराड़ के इन लगातार बड़े शॉट्स का असर भारतीय डगआउट में भी दिखाई दिया। मुख्य कोच गौतम गंभीर उनकी बल्लेबाजी देखकर मुस्कुराते और तालियां बजाते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी गंभीर की प्रतिक्रिया और बराड़ की बल्लेबाजी का वीडियो चर्चा में रहा। बराड़ की इस पारी ने यह दिखाया कि निचले क्रम का बल्लेबाज भी जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की क्षमता रखता है।
भारत के लिए हालांकि दिन का सबसे बड़ा आकर्षण देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी रही। पडिक्कल ने नाबाद 142 रन बनाए और भारतीय पारी को मजबूती प्रदान की। उनकी पारी ने उन्हें आगामी टेस्ट मैच के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का मौका दिया है। साई सुदर्शन के चोट से उबर नहीं पाने के कारण टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद तीसरे नंबर के स्थान को लेकर चर्चा तेज है और पडिक्कल की यह पारी उनके पक्ष में महत्वपूर्ण प्रदर्शन मानी जा रही है।
दूसरे दिन भारत ने 90 ओवर में 357 रन बनाए। पडिक्कल 142 रन बनाकर नाबाद रहे। रविंद्र जडेजा ने भी उपयोगी पारी खेलते हुए 63 रन बनाए और बाद में रिटायर्ड आउट हुए। इसके अलावा मानव सुथार ने 41 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इन पारियों ने भारत को शुरुआती झटकों से उबरने और श्रीलंका क्रिकेट एकादश के मजबूत स्कोर के करीब पहुंचने में मदद की।
भारतीय पारी की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। टीम को शुरुआती चरण में कुछ विकेट गंवाने पड़े, लेकिन पडिक्कल ने पारी को संभालते हुए लगातार रन बनाए। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा और अपना शतक पूरा किया। उनकी 142 रन की नाबाद पारी दूसरे दिन भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रदर्शन रही।
रविंद्र जडेजा ने भी बल्लेबाजी में उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 63 रन बनाकर मध्यक्रम को मजबूती दी। जडेजा की पारी ने भारत को उस समय स्थिरता दी, जब टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचने के लिए साझेदारी की जरूरत थी। मानव सुथार ने भी 41 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता दिखाई। विदेश में अपने शुरुआती अनुभव के बीच उनका यह योगदान टीम के लिए उपयोगी रहा।
दूसरी ओर ऋषभ पंत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। वह केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। पंत ने ऑफ स्पिनर मेंडिस की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर से शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर लॉन्ग ऑफ की दिशा में चली गई। मेंडिस ने इस पारी में दो विकेट लिए और भारत के बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश की। ध्रुव जुरेल भी केवल एक रन बनाकर आउट हुए। स्पिन के खिलाफ उनका संघर्ष एक बार फिर दिखाई दिया।
भारत के सामने इस अभ्यास मुकाबले में श्रीलंका क्रिकेट एकादश ने भी बड़ा स्कोर खड़ा किया था। श्रीलंकाई टीम ने पहले दिन 90 ओवर में 363 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने दूसरे दिन 357 रन बनाए और छह रन से पीछे रहा। हालांकि यह मुकाबला अभ्यास मैच है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए आगामी टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों को समझने और अपनी दावेदारी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
गुरनूर बराड़ की बल्लेबाजी ने खास तौर पर भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत दिया। बराड़ मुख्य रूप से तेज गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन अंतिम ओवर में जिस तरह उन्होंने बड़े शॉट लगाए, उससे उनकी बल्लेबाजी में मौजूद क्षमता भी सामने आई। 18 गेंदों में 36 रन की उनकी पारी में चार छक्के शामिल रहे। इस छोटी लेकिन तेजतर्रार पारी ने भारत के स्कोर में महत्वपूर्ण इजाफा किया और टीम को 350 रन के पार पहुंचाने में मदद की।
बराड़ की बल्लेबाजी का सबसे दिलचस्प पहलू उनका अंतिम ओवर रहा। सुदीरा के खिलाफ उन्होंने गेंद की लाइन और लंबाई को तेजी से पढ़ते हुए लगातार आक्रामक शॉट लगाए। पहले डीप मिडविकेट, फिर सीधे मैदान के ऊपर और इसके बाद दोबारा डीप मिडविकेट तथा डीप एक्स्ट्रा कवर की दिशा में लगाए गए छक्कों ने भारतीय पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया।
भारतीय डगआउट में गंभीर की मुस्कान ने इस प्रदर्शन की अहमियत को और बढ़ा दिया। अभ्यास मुकाबले में खिलाड़ियों से केवल रन या विकेट की अपेक्षा नहीं होती, बल्कि टीम प्रबंधन उनके प्रदर्शन, आत्मविश्वास और दबाव की स्थिति में फैसले लेने की क्षमता पर भी नजर रखता है। बराड़ ने अंतिम ओवर में जिस तरह बिना दबाव के बड़े शॉट लगाए, वह उनके आत्मविश्वास का संकेत माना जा सकता है।
दूसरे दिन का खेल भारत के लिए कई सकारात्मक संकेत लेकर आया। पडिक्कल ने नाबाद शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत की, जडेजा ने उपयोगी अर्धशतक लगाया, सुथार ने योगदान दिया और अंत में बराड़ ने विस्फोटक अंदाज में पारी का समापन किया। हालांकि पंत और जुरेल जैसे बल्लेबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन टीम के निचले क्रम की बल्लेबाजी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में मदद की।
अभ्यास मुकाबले में भारत अभी श्रीलंका क्रिकेट एकादश से छह रन पीछे है, लेकिन दूसरे दिन का सबसे यादगार दृश्य बराड़ के बल्ले से निकले चार छक्के ही रहे। अंतिम ओवर में उनके आक्रामक तेवर ने न सिर्फ भारतीय स्कोर को तेजी दी, बल्कि डगआउट में बैठे गौतम गंभीर के चेहरे पर भी बड़ी मुस्कान ला दी। आने वाले दिनों में बराड़ की गेंदबाजी के साथ उनकी बल्लेबाजी पर भी टीम प्रबंधन की नजर रह सकती है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

