- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर, व्हाट्सएप- 8875863494
हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है.
धर्मग्रंथों में शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है तथा यह शिवोपासना का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है.
धर्मग्रंथों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती आदि देवियों ने शिवरात्रि व्रत किया था.
महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि में भगवान भोलेनाथ लिङ्ग स्वरूप प्रकट हुए थे और पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान श्रीविष्णु और श्रीब्रह्मा ने की थी.
तब से महाशिवरात्रि, भगवान भोलेनाथ के प्रकटोत्सव स्वरूप मनाया जाता है तथा श्रद्धालु प्रतिमाह मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं.
* शिवरात्रि पर पूजा-व्रत से आध्यात्मिक प्रकाश की प्राप्ति होती है.
भोलेनाथ सच्चे मन से की गई पूजा से प्रसन्न होते हैं इसलिए दिल से प्रार्थना करें...
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्.
सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि..
आज का राशिफल : 11 अगस्त 2026
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ राशियों के लिए उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, धनु राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, शिवोपासना करें!
अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
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