जबलपुर. एमपी के जबलपुर में पाटन के ग्राम कोनी कलां में अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में नहीं बल्कि सड़क किनारे किया जाता है. सड़क किनारे अंतिम संस्कार किए जाने का यह सिलसिला लम्बे समय से चला आ रहा है. ग्रामीणों कहना है कि शासकीय भूमि न होने से यहां पर मुक्तिधाम नहीं बनाया जा रहा है.
बताया गया है कि ग्राम पंचायत कोनी कलां पाटन में घनश्याम बर्मन नामक व्यक्ति की मौत हो गई. परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के बाहर सड़क किनारे बारिश के बीच अंतिम संस्कार किया. सड़क किनारे अंतिम संस्कार किए जाने की खबर प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची तो वे भी चौकन्ने हो गए. वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मुक्तिधाम नहीं है, जिसके चलते सालों से इसी तरह से ही खुले आसमान के नीचे कार्यक्रम किए जा रहे हैं. गांव में किसी भी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो सड़क किनारे ही अंतिम संस्कार किया जाता है. हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव के सरपंच व सचिव से चर्चा की तो उनका कहना था कि यहां पर शासकीय जमीन न होने के कारण ऐसे हालात बने हुए है.
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