लेह. लद्दाख के लेह क्षेत्र में गुरुवार सुबह अचानक आए भूकंप के तेज झटकों से धरती कांप उठी. 'नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी' (NCS) के अनुसार, सुबह लगभग 6:05 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गई.
10 किलोमीटर गहराई पर था भूकंप का केंद्र
सिस्मोलॉजी सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र बिंदु 36.881 डिग्री उत्तर अक्षांश तथा 74.402 डिग्री पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था.
अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के जरिए जानकारी दी कि उथला केंद्र (Shallow Depth) होने के कारण झटके काफी तेज महसूस किए गए थे. हालांकि, राहत की बात यह है कि प्राथमिक रिपोर्टों में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है.
क्यों अधिक खतरनाक होते हैं उथले भूकंप?
भूवैज्ञानिकों और अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर 700 किलोमीटर तक की गहराई में आ सकते हैं. गहराई के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है:
उथला भूकंप (Shallow): 0 से 70 किलोमीटर की गहराई.
मध्यम भूकंप (Intermediate): 70 से 300 किलोमीटर की गहराई.
गहरा भूकंप (Deep): 300 से 700 किलोमीटर की गहराई.
विशेषज्ञों का कहना है कि उथले भूकंप (Shallow Earthquakes) सबसे ज्यादा विनाशकारी और खतरनाक साबित होते हैं, क्योंकि इनमें भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) को सतह तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है. इससे धरातल पर झटके काफी तीव्र होते हैं और इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है.
हाल ही में पूर्वोत्तर में भी दर्ज किए गए थे झटके
इससे पहले 5 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में भी 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र जमीन से 17 किलोमीटर नीचे था. उस समय मुख्य झटके से ठीक 5 मिनट पहले 3.6 तीव्रता का फोरशॉक (Foreshock) और बाद में 5.1 तीव्रता का बड़ा आफ्टरशॉक (Aftershock) भी महसूस किया गया था.
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है. अधिकारियों ने आम नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और भूकंप से जुड़ी सुरक्षा सावधानियों का पालन करने की अपील की है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

