भारत, चीन को भारी टैरिफ से बचा रहा है, अमेरिका के चौंकाने वाले आरोप से मची सनसनी

भारत, चीन को भारी टैरिफ से बचा रहा है, अमेरिका के चौंकाने वाले आरोप से मची सनसनी

प्रेषित समय :11:40:33 AM / Fri, Aug 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली.अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर की आंच अब भारत तक भी पहुंचती नजर आ रही है. वाशिंगटन ने भारत पर एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला आरोप लगाया है. अमेरिका का दावा है कि भारत एक गुप्त माल ढुलाई नेटवर्क का हिस्सा बनकर चीन को भारी-भरकम अमेरिकी आयात शुल्क (टैरिफ) से बचने में सीधे तौर पर मदद कर रहा है. व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो द्वारा जारी द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम नामक रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया है कि भारत समेत 40 से अधिक देश चीनी सामानों को पिछले दरवाजे से अमेरिकी बाजारों में धकेल रहे हैं, जिससे ड्रैगन को फायदा पहुंच रहा है.

शैडो ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क के जरिए अरबों डॉलर का खेल

राष्ट्रपति के व्यापार और विनिर्माण सलाहकार पीटर नवारो के मुताबिक, साल 2018 में ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन पर धारा 301 के तहत सख्त टैरिफ लगाए जाने के बाद से यह गोरखधंधा काफी तेज हो गया है. रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि चीन के इस तथाकथित शैडो ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क में भारत, कनाडा, मैक्सिको, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ जैसे अमेरिका के कई बड़े और करीबी व्यापारिक साझेदार शामिल हैं. इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि अवैध रूप से माल की ढुलाई का यह पूरा खेल सालाना 40 अरब डॉलर से लेकर 303 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच का है.

लेबल और पैकिंग बदलकर अमेरिकी बाजार पहुंच रहा चीनी माल

रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी कंपनियां अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए भारत जैसे तीसरे देशों का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं. इन देशों में चीनी सामानों को भेजकर उनकी मामूली प्रोसेसिंग, रीलेबलिंग, रीपैकेजिंग या रीइनवॉइसिंग की जाती है और फिर उन्हें नए रूट से अमेरिका भेज दिया जाता है. उदाहरण के तौर पर, भारत की पुणे-गुजरात-चेन्नई उत्पादन बेल्ट में चीनी पंप और कंप्रेसर मंगाए जाते हैं, जिन्हें बाद में अमेरिकी बाजार में खपाया जाता है. इस धोखेबाजी से अमेरिका की सिनसिनाटी, डेटन और कोलंबस की स्थानीय सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

गड़बड़ी पकडऩे के लिए एआई का सहारा लेगा अमेरिका

तीसरे देशों के जरिए अमेरिकी बाजारों में सेंधमारी कर रहे इन चीनी उत्पादों पर नकेल कसने के लिए अमेरिका ने अब एक बड़ा प्लान तैयार कर लिया है. नवारो ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी प्रशासन अब इन संदिग्ध शिपमेंट की पहचान करने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करेगा. इसके लिए एक खास एआई-सक्षम डिटेक्टिव बॉर्डर सिस्टम सीमाओं पर तैनात किया जाएगा. यह सिस्टम शिपमेंट के डेटा, उसके रूट की पूरी हिस्ट्री, प्रोडक्ट की बारीकियों और उत्पादन क्षमता की गहन जांच करेगा, ताकि चीनी माल को रंगे हाथों पकड़ा जा सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-