सुको से सीएम विजय को बड़ी राहत, मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक, करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को मिलेगी नौकरी

सुको से सीएम विजय को बड़ी राहत, मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक, करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को मिलेगी नौकरी

प्रेषित समय :17:09:46 PM / Fri, Aug 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

चेन्नई. तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने सीएम विजय द्वारा पीड़ितों के परिवार को दी जा रही नौकरी के आदेश को रद्द कर दिया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं में सरकार पीड़ित परिवारों को नौकरी क्यों नहीं दे सकती. कोर्ट ने विजय सरकार के उस फैसले का जिक्र किया जिसमें करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी दी गई थी. मद्रास हाईकोर्ट ने इस नौकरी के आदेश को रद्द कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी.

पिछले साल सितंबर में टीवीके की रैली में भगदड़ हुई थी, जिसमें 41 लोग मारे गए थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे. उस समय डीएमके सरकार थी और रैली को विजय संबोधित कर रहे थे. पुलिस का आरोप था कि विजय के देर से पहुंचने से भीड़ बढ़ गई. उस दौरान पानी, खाना, शौचालय जैसी सुविधाएं भी कम थीं. टीवीके ने इन आरोपों को खारिज किया. उन्होंने इस पूरी घटना को पुलिस की नाकामी बताया था. वहीं, पूर्व डीएमके मंत्री सेंथिल बालाजी पर साजिश का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने नकार दिया.

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा, भगदड़ हुई, लोग मरे. अगर सरकार ने उन्हें कुछ राहत देने का फैसला किया और पैसे या नौकरी से मदद करने का सोचा, तो आप कैसे सवाल कर सकते हो कि नौकरी नहीं देनी चाहिए? अगर परिवार का अकेला कमाने वाला मर गया, तो क्या सरकार उसके बेटे या बेटी को नौकरी नहीं दे सकती? कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और अन्य को नोटिस जारी किया.

मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था फैसला

मद्रास हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को विजय के आदेश को रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट का कहना था कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरी में समान अवसर) का उल्लंघन है. इससे और लोग भी ऐसी नौकरी मांगने लगेंगे. हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग लंबे समय से दयात्मक नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, उनकी जरूरत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-