आज का दिन- 15 अगस्त 2026, देवी पार्वती के आशीर्वाद के लिए हरियाली तीज!

आज का दिन- 15 अगस्त 2026, देवी पार्वती के आशीर्वाद के लिए हरियाली तीज!

प्रेषित समय :21:49:29 PM / Fri, Aug 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
देवी पार्वती की पूजा-आराधना का प्रमुख दिन है- हरियाली तीज! 
इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं, निर्जला व्रत रखती हैं. 
यह कठिन व्रत है, जिसमें महिलाएं पूरा दिन बिना भोजन और जल के रहती हैं और दूसरे दिन प्रातःकाल पवित्र स्नान और पूजा के बाद भोजन ग्रहण करती हैं. 
इस व्रत की कथा भोलेनाथ ने देवी पार्वती को उनके पूर्व जन्म का स्मरण करवाने के उद्देश्य से कही थी- हे पार्वती! प्राचीन समय में तुमने हिमालय पर मुझे वर के रूप में पाने के लिए घोर तप किया  था, तुमने अन्न-जल त्याग कर दिया था. 
तुम्हारी मनोदशा देखकर तुम्हारे पिता बहुत दुखी और क्रोधित थे, तब देवऋषी नारद तुम्हारे महल पधारे और आगमन का कारण बताया कि- हे गिरिराज! मैं भगवान श्रीविष्णु के भेजने पर यहाँ आया हूँ जो आपकी बेटी की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर वह उससे विवाह करना चाहते हैं.
देवऋषी नारद की बात सुनकर पर्वतराज अति प्रसन्न हुए और बोले- हे देव! यदि स्वयं भगवान श्रीविष्णु मेरी बेटी से विवाह करना चाहते हैं तो इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती. मैं इस शुभ विवाह के लिए तैयार हूं.
पर्वतराज की स्वीकृति पाकर देवऋषी नारद, श्रीविष्णु के पास गए और यह शुभ संदेश सुनाया, लेकिन जब तुम्हें इस बारे में पता चला तो तुम्हें बहुत दुःख हुआ. तुम मुझे मनोमन अपना पति मान चुकी थी.
तुमने अपने बेचैन मन की बात अपनी सखी को बताई. तुम्हारी सखी ने सुझाया कि तुम्हें वन में ले जाकर छुपा देगी और वहां रहकर तुम भोलेनाथ को प्राप्त करने की तपस्या करना. तुम्हारे पिता तुम्हें महल में नहीं पाकर दुखी और परेशान हो गए कि यदि विष्णुदेव बारात लेकर आ गए और तुम महल में नहीं मिली तो क्या होगा? उन्होंने तुम्हारी बहुत तलाश की लेकिन तुम नहीं मिली. 
तुम तो तपस्या में मग्न थी और तुमने शिवलिंग बना कर मेरी आराधना की जिससे प्रसन्न होकर मैंने तुम्हारी मनोकामना पूर्ण की. तुमने अपने पिता से कहा कि-  पिताश्री! मैंने अपने जीवन का समय भोलेनाथ की तपस्या में बिताया है जिससे प्रसन्न होकर उन्होंने मुझे स्वीकार भी कर लिया है. अब मैं आपके साथ तभी चलूंगी जब आप मेरा विवाह भगवान शिव के साथ ही करेंगे. पिताश्री ने तुम्हारी इच्छा स्वीकार कर ली और तुम्हें महल वापस ले गये. इसके बाद उन्होंने विधि-विधान से हमारा शुभ विवाह किया.
भगवान शिव ने कहा- हे पार्वती! तपस्या करके जो व्रत किया था, उसी के परिणाम स्वरूप यह शुभ विवाह संभव हो सका, इसलिए इस व्रत को पूर्ण निष्ठा से करने वाली हर स्त्री को मनोवांछित शुभ फल देता हूं. इस व्रत को जो भी स्त्री पूर्ण श्रद्धा से करेंगी उसे अखंड सौभाग्य प्राप्त होगा. इस दिन निर्जला व्रत और भगवान शिव और देवी पार्वती की सपरिवार पूजा की जाती है. सायंकाल व्रत की कथा सुनी जाती है. देवी पार्वती और भोलेनाथ की कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है!
* आज का राशिफल : 14 अगस्त 2026
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन राशियों के लिए 9:34 एएम तक उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, मकर राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, शिवोपासना करें!
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-