नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को एक बार फिर दुनिया के सामने रखता है. पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट की दूसरी पारी में यह उपलब्धि हासिल की. पंत ने 69 गेंदों पर 66 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें आठ चौके और दो छक्के शामिल रहे. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पंत को बधाई देते हुए उन्हें ‘निडर मैच विनर’ बताया.
ऋषभ पंत ने 100 टेस्ट छक्कों का आंकड़ा केवल 4,918 गेंदों का सामना करते हुए पूरा किया. इस तरह उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सबसे कम गेंद खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने 100 टेस्ट छक्के पूरे करने के लिए 6,578 गेंदों का सामना किया था. पंत ने इस मामले में गिलक्रिस्ट को काफी पीछे छोड़ दिया. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 100 या उससे अधिक टेस्ट छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों में पंत का प्रति छक्का गेंदों का अनुपात भी सबसे बेहतर है.
पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के केवल चौथे बल्लेबाज हैं. उनसे पहले न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम, इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट इस क्लब में शामिल हो चुके हैं. बेन स्टोक्स के नाम 138 टेस्ट छक्के हैं, जबकि ब्रेंडन मैकुलम 107 छक्कों के साथ इस सूची में हैं. एडम गिलक्रिस्ट ने भी टेस्ट करियर में 100 छक्के लगाए थे. पंत ने इस खास क्लब में जगह बनाकर भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भी नया अध्याय जोड़ दिया है.
गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में पंत की बल्लेबाजी शुरू से ही आक्रामक रही. उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और तेजी से रन जुटाकर भारतीय पारी को गति दी. पंत ने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के लगाए. इसी पारी के दौरान उनका 100वां टेस्ट छक्का आया और वह रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गए. हालांकि पंत अपना अर्धशतक पार करने के बाद बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और 66 रन पर आउट हो गए. इसके बावजूद उनकी पारी ने भारत को श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने में मदद की.
पंत के रिकॉर्ड के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें बधाई दी. मुख्यमंत्री ने पंत को ‘निडर मैच विनर’ बताते हुए कहा कि उन्होंने रिकॉर्ड बुक में शानदार तरीके से अपना नाम दर्ज कराया है. उन्होंने पंत के भविष्य के लिए और बड़े छक्कों, यादगार पारियों और भारत के लिए मैच जिताने वाले क्षणों की शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद पंत की उपलब्धि को लेकर राजनीतिक और खेल जगत दोनों में चर्चा देखने को मिली.
पंत के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट को आमतौर पर धैर्य, तकनीक और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने का खेल माना जाता है. इसके बावजूद पंत ने इस प्रारूप में भी आक्रामक बल्लेबाजी की अपनी पहचान कायम रखी है. उनकी बल्लेबाजी में जोखिम लेने और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से अलग करती है. 100 छक्कों का आंकड़ा इसी शैली का प्रमाण माना जा रहा है. वह टेस्ट क्रिकेट में तेज गति से रन बनाने वाले बल्लेबाजों में लगातार अपनी अलग पहचान बनाते रहे हैं.
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे. इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई और भारत को 178 रन की बढ़त मिली. श्रीलंका की पारी में सोनल दिनुषा ने शतक लगाया, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए. दोनों ने छठे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए भारतीय गेंदबाजों को कुछ समय तक परेशान किया. हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा ने डिकवेला को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. इसके बाद मानव सुथार और रवींद्र जडेजा ने श्रीलंका की पारी को समेटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा. भारतीय पारी में ऋषभ पंत के 66 रन के अलावा देवदत्त पडिक्कल ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और चार विकेट हासिल किए. इसके बाद श्रीलंका ने लक्ष्य का पीछा शुरू किया. दिन का खेल खत्म होने तक मुकाबला भारत के पक्ष में बना हुआ था, हालांकि श्रीलंका के बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश जारी रखी. (
पंत के मौजूदा प्रदर्शन की बात करें तो इस साल दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में वह 186 रन बना चुके हैं. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन रहा है और उनका स्ट्राइक रेट 73.80 के आसपास रहा है. हालांकि वह लंबे समय से टेस्ट शतक की तलाश में हैं. पिछली बार उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में दो शतक लगाकर शानदार प्रदर्शन किया था. गॉल में 66 रन की पारी के दौरान भी उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाई, लेकिन वह अर्धशतक को बड़ी पारी में बदलने में सफल नहीं रहे.
टेस्ट क्रिकेट में छक्कों के मामले में पंत की उपलब्धि भारतीय बल्लेबाजी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है. भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक टेस्ट बल्लेबाजी को तकनीकी मजबूती और संयम के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पंत जैसे खिलाड़ियों ने इस प्रारूप में आक्रामक बल्लेबाजी की नई शैली को लोकप्रिय बनाया है. विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उनका योगदान केवल विकेट के पीछे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बल्ले से भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर मैच का रुख बदलने वाली पारियां खेली हैं.
100 टेस्ट छक्कों का रिकॉर्ड उनकी इसी भूमिका को और मजबूत करता है. पंत अब उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे प्रारूप में छक्कों का शतक पूरा किया है. उनके सामने अब अगला लक्ष्य इस सूची में ऊपर बढ़ना होगा. वर्तमान में ब्रेंडन मैकुलम के 107 छक्के और बेन स्टोक्स के 138 छक्के उनसे आगे हैं, जबकि गिलक्रिस्ट के साथ पंत 100 छक्कों के आंकड़े पर पहुंच गए हैं.
ऋषभ पंत की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि उनका बल्लेबाजी अंदाज केवल छोटे प्रारूपों तक सीमित नहीं है. टेस्ट क्रिकेट में भी वह परिस्थितियों के अनुसार आक्रामक खेल दिखाने और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं. गॉल में 100वां टेस्ट छक्का लगाने के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बधाई ने इस उपलब्धि को और चर्चा में ला दिया है. अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि पंत अपने इस आक्रामक सफर को आगे बढ़ाते हुए कितने और छक्के तथा यादगार टेस्ट पारियां अपने नाम करते हैं.
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