सोशल मीडिया व्यू के लिए घर में बना लिया फर्जी कोर्ट, जस्टिस स्क्रीन लगाकर करता बहस, खुद को बताता था बड़ा वकील, हाईकोर्ट ने पकड़वाया

सोशल मीडिया व्यू के लिए घर में बना लिया फर्जी कोर्ट, जस्टिस स्क्रीन लगाकर करता बहस, खुद को बताता था बड़ा वकील, हाईकोर्ट ने पकड़वाया

प्रेषित समय :14:59:24 PM / Tue, Aug 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट ने एक ऐसे युवक को पकड़वाया है, जिसने सोशल मीडिया पर व्यू पाने के लिए घर में ही फर्जी कोर्ट बना ली, जहां पर जस्टिस की स्क्रीन लगाकर बहस करता और स्वयं को बड़ा अधिवक्ता बताता था. एमपी हाईकोर्ट के संज्ञान में मामला आया. कोर्ट के निर्देश पर ओमती पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उक्त युवक सिंगरौली के बैढऩ क्षेत्र के ग्राम पिपराझापी निवासी अमित तिवारी है. ओमती पुलिस ने जीरों पर प्रकरण दर्ज कर डायरी सिंगरौली स्थानान्तरित की, जिसपर सिंगरौली पुलिस ने अमित तिवारी को गिरफ्ताकर लिया.

पुलिस के अनुसार पिपराझापी बैढऩ जिला सिंगरौली निवासी अमित तिवारी उम्र 27 वर्ष ने अपने कमरे को ही ऑफिस जैसा बना रखा था. टेबल पर लैपटॉप, मोटी-मोटी कानून की किताबें और इंटरनेट डिवाइस रखी थीं. सामने बड़ी स्क्रीन पर हाईकोर्ट के जज और वकीलों के स्क्रीनशॉट लगाए गए थे. अमित रिवॉल्विंग चेयर पर बैठकर ऐसे बहस करता था, जैसे वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाईकोर्ट की सुनवाई में शामिल हो. पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि अमित ने लाइक, व्यू और दोस्तों के बीच अपनी धाक जमाने के लिए यह पूरा सेटअप तैयार किया था. वह अपने दोस्तों से ऐसे वीडियो बनवाता था. बाद में इनमें से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि वीडियो बनाने में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे. अमित जब पढ़ाई कर रहा था, तब उसने कोर्ट में वकीलों को बहस करते देखा था. इसके बाद उसे इस तरह वीडियो बनाने का आइडिया आया. वह खुद भी एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं हुई. इसके बाद वह दोस्तों के सामने खुद को हाईकोर्ट में बहस करने वाला वकील बताने लगा. गांव के लोग भी उसके वीडियो देखकर प्रभावित होते थे. 7 जुलाई 2026 को बनाए गए इसी तरह के एक वीडियो के दौरान गांव का एक बुजुर्ग अपनी बेटी के घरेलू विवाद को लेकर उसके पास पहुंचा था. अमित को हाईकोर्ट में बहस करते देखकर बुजुर्ग ने अपनी बेटी के मामले में याचिका दायर कराने की बात भी कही थी.

एआई से बनाता था सोशल मीडिया कंटेंट-

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अमित सोशल मीडिया के लिए स्क्रिप्ट और पोस्ट भी एआई की मदद से तैयार करता था. इसके बदले उसे मेहनताना मिलता था. सितंबर 2025 में भी एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में उत्तर प्रदेश के शक्ति नगर थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने उसे सिंगरौली से गिरफ्तार किया था. बाद में उसे जमानत मिल गई थी.

हाईकोर्ट के निर्देश की गई जांच में सामने आई हकीकत-

वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने जबलपुर पुलिस को जांच के निर्देश दिए. सिविल लाइन थाना पुलिस ने जीरो पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान सिंगरौली के बैढऩ निवासी अमित तिवारी के रूप में हुई. इसके बाद डायरी सिंगरौली पुलिस को भेजी गई. बैढऩ पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस ने उसके घर से लैपटॉप, सिस्टम और अन्य डिवाइस जब्त कर जांच के लिए लैब भेजे हैं.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-