भारत-पाकिस्तान में हाईवोल्टेज मुकाबला, सेमीफाइनल की राह पर टिकी नजरें 19 अगस्त को होगा बड़ा हॉकी संग्राम

भारत-पाकिस्तान में हाईवोल्टेज मुकाबला, सेमीफाइनल की राह पर टिकी नजरें 19 अगस्त को होगा बड़ा हॉकी संग्राम

प्रेषित समय :20:11:38 PM / Tue, Aug 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

एम्सटेलवीन. एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला एक बार फिर खेल प्रशंसकों के लिए सबसे बड़े आकर्षण में शामिल हो गया है. दोनों पड़ोसी देशों की टीमें बुधवार, 19 अगस्त को नीदरलैंड्स के एम्सटेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी. भारतीय समय के अनुसार मुकाबला शाम 6:30 बजे शुरू होगा. भारत के लिए यह मैच बेहद अहम है, क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ मिली 2-4 की हार के बाद टीम को अगले दौर की अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर परिणाम हासिल करना होगा. 2026 हॉकी विश्व कप में भारत और पाकिस्तान समेत 16 पुरुष टीमें हिस्सा ले रही हैं और इस बार प्रतियोगिता का प्रारूप भी पहले की तुलना में अलग है. 

हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत के साथ की थी. इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और तीन गोल दागकर अपने अभियान की अच्छी शुरुआत की. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा. इस हार ने पूल डी की स्थिति को दिलचस्प बना दिया है और अब पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारतीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया है. इंग्लैंड अपने शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि भारत को अगले चरण में अपनी जगह के लिए पाकिस्तान के खिलाफ परिणाम हासिल करना होगा.

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में दिखाई दी कमियों को दूर करना होगी. उस मैच में भारतीय टीम ने शुरुआत में मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने लगातार दबाव बनाया. भारत ने इस दौरान तीन गोल गंवाए. डिफेंस में हुई गलतियों के साथ पेनल्टी कॉर्नर के मौकों का प्रभावी इस्तेमाल नहीं कर पाना भी टीम के लिए चिंता का विषय रहा. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम को इन दोनों क्षेत्रों में सुधार करना होगा, क्योंकि पड़ोसी टीम के खिलाफ छोटी-सी गलती भी मैच का रुख बदल सकती है.

भारत और पाकिस्तान की हॉकी प्रतिद्वंद्विता का इतिहास काफी पुराना और भावनात्मक रहा है. दोनों देशों के बीच मुकाबले में केवल अंक ही दांव पर नहीं होते, बल्कि खिलाड़ियों और प्रशंसकों पर भी दबाव काफी ज्यादा रहता है. हालांकि मैदान पर मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए भारत का पलड़ा हाल के मुकाबलों में भारी रहा है. इस वर्ष एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारत ने पाकिस्तान को लगातार दो मुकाबलों में हराया था. भारत ने एक मैच 7-1 के बड़े अंतर से जीता, जबकि दूसरे मुकाबले में 4-3 से जीत दर्ज की थी. पाकिस्तान के लिए इन परिणामों के बाद विश्व कप में वापसी का मौका बेहद महत्वपूर्ण होगा.

पाकिस्तान ने इस विश्व कप में अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से हार झेली है, जबकि वेल्स के खिलाफ उसका मुकाबला 3-3 की बराबरी पर समाप्त हुआ. इस तरह टीम के खाते में केवल एक अंक है. भारत के खिलाफ मुकाबला पाकिस्तान के लिए लगभग करो या मरो की स्थिति वाला माना जा रहा है, क्योंकि अगले चरण की उम्मीद बनाए रखने के लिए उसे जीत की जरूरत होगी. पाकिस्तान की टीम को भारत के खिलाफ अपने डिफेंस को मजबूत करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर के अवसरों का बेहतर उपयोग करना होगा.

भारत की नजर जहां अपनी स्थिति मजबूत करने पर होगी, वहीं पाकिस्तान के लिए हर गोल महत्वपूर्ण हो सकता है. दोनों टीमों की शैली में आक्रामकता दिखाई देती है और मुकाबले में पेनल्टी कॉर्नर अहम भूमिका निभा सकते हैं. भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह दुनिया के बेहतरीन ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञों में गिने जाते हैं और पेनल्टी कॉर्नर भारत के आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे में पाकिस्तान के डिफेंडरों के सामने हरमनप्रीत और भारतीय फॉरवर्ड लाइन को रोकने की चुनौती होगी.

दूसरी ओर पाकिस्तान भी भारत के खिलाफ तेज आक्रमण और पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दबाव बनाने की कोशिश करेगा. टीम ने वेल्स के खिलाफ तीन गोल किए थे, लेकिन डिफेंस में लगातार दबाव झेलने की उसकी क्षमता पर सवाल बने हुए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ उसे चार गोल गंवाने पड़े थे. भारत के खिलाफ अगर पाकिस्तान शुरुआती मिनटों में गोल खा जाता है तो उस पर दबाव और बढ़ सकता है. इसलिए पाकिस्तान की रणनीति में शुरुआत से ही डिफेंस को व्यवस्थित रखना अहम होगा.

भारत की टीम के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह के अलावा मध्य पंक्ति और डिफेंस की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी. इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद कोच क्रेग फुल्टन के सामने टीम के संयोजन और रणनीति को लेकर कई सवाल हैं. भारत को आक्रमण में मिले अवसरों को गोल में बदलने के साथ-साथ विरोधी टीम को पेनल्टी कॉर्नर देने से बचना होगा. विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में एक छोटी गलती भी निर्णायक साबित हो सकती है.

इस विश्व कप का आयोजन 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है. पुरुष और महिला दोनों वर्गों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं. मुकाबले नीदरलैंड्स के एम्सटेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम और बेल्जियम के वावरे स्थित बेल्फियस हॉकी एरिना में खेले जा रहे हैं. इस बार टूर्नामेंट में 16 पुरुष और 16 महिला टीमें हिस्सा ले रही हैं. पुरुष वर्ग में भारत को पूल डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है. 

टूर्नामेंट के प्रारूप में भी बदलाव किया गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता में सीधे पारंपरिक क्वार्टर फाइनल के बजाय ग्रुप चरण के बाद दूसरे पूल चरण के जरिए सेमीफाइनल की दौड़ तय होगी. ऐसे में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का महत्व केवल एक मैच के तीन अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आगे के चरण में टीम की स्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है. भारत के लिए लक्ष्य होगा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ हार से बचे और अपने अगले चरण की स्थिति को सुरक्षित बनाए. 

भारत के लिए टूर्नामेंट का पहला मुकाबला वेल्स के खिलाफ रहा, जिसमें टीम ने 3-1 से जीत दर्ज की. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 की हार ने टीम को सतर्क कर दिया है. अब पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय खिलाड़ी किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेंगे. टीम के पास हालिया मुकाबलों में पाकिस्तान के खिलाफ अच्छे परिणाम का आत्मविश्वास जरूर है, लेकिन विश्व कप का मंच अलग दबाव लेकर आता है. इसलिए पिछले रिकॉर्ड के बजाय मौजूदा दिन के प्रदर्शन पर अधिक निर्भर रहना होगा.

पाकिस्तान की टीम भी इस मुकाबले को अपनी वापसी के अवसर के रूप में देखेगी. इंग्लैंड के खिलाफ हार और वेल्स के साथ ड्रॉ के बाद उसके पास केवल एक अंक है. ऐसे में भारत के खिलाफ जीत उसे प्रतियोगिता में बने रहने का महत्वपूर्ण मौका दे सकती है. पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर भी दबाव होगा, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले की प्रकृति को देखते हुए यह दबाव कई बार खिलाड़ियों में अतिरिक्त ऊर्जा भी पैदा करता है.

मैच के प्रसारण को लेकर भारतीय दर्शकों के लिए भी व्यवस्था की गई है. भारत में एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर प्रसारित किए जा रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जियोहॉटस्टार के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध है. उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार भारत-पाकिस्तान मुकाबला 19 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा. 

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले की खासियत यह भी है कि इसमें दोनों टीमों के समर्थकों की नजरें सिर्फ स्कोर पर नहीं रहतीं, बल्कि हर पेनल्टी कॉर्नर, हर गोल और हर आक्रामक मूव पर टिकी रहती हैं. विश्व कप के महत्वपूर्ण चरण में होने के कारण इस बार भी मुकाबले में रोमांच और दबाव दोनों चरम पर रहने की उम्मीद है. भारत जहां हालिया जीतों के भरोसे मैदान पर उतरेगा, वहीं पाकिस्तान अपने विश्व कप अभियान को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकना चाहेगा.

अब सवाल यह है कि भारत इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार से कितनी जल्दी उबरता है और पाकिस्तान अपनी कमजोरियों को कितनी तेजी से सुधार पाता है. भारत के लिए डिफेंस की मजबूती, पेनल्टी कॉर्नर का इस्तेमाल और गोल करने के अवसरों को भुनाना निर्णायक होगा. पाकिस्तान के लिए मुकाबले में लंबे समय तक दबाव झेलना और भारतीय आक्रमण को रोकना सबसे बड़ी चुनौती होगी. बुधवार शाम एम्सटेलवीन में होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए टूर्नामेंट की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-