पटना में मगध महिला कॉलेज की छात्रा सात दिन से लापता, पुलिस से जल्द तलाश की मांग

पटना में मगध महिला कॉलेज की छात्रा सात दिन से लापता, पुलिस से जल्द तलाश की मांग

प्रेषित समय :21:20:39 PM / Thu, Aug 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पटना। बिहार की राजधानी पटना में मगध महिला कॉलेज की बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्रा गायत्री कुमारी के सात दिन से लापता होने का मामला सामने आया है। 13 अगस्त से छात्रा का कोई पता नहीं चल पाया है। बेटी के अचानक गायब होने के बाद परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। परिजनों ने गांधी मैदान थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से छात्रा को जल्द तलाशने और उसके लापता होने के कारणों का पता लगाने की मांग की है। सात दिन बीत जाने के बावजूद छात्रा के संबंध में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

परिजनों के मुताबिक गायत्री 13 अगस्त की सुबह मगध महिला कॉलेज आई थी। कॉलेज से निकलने के बाद वह ई-रिक्शा से स्टेशन की ओर गई थी। इसके बाद वह घर नहीं पहुंची। सामान्य तौर पर घर लौटने के समय तक जब गायत्री नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार के सदस्यों ने रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया और उसी रात गांधी मैदान थाने में शिकायत दर्ज कराई।

परिजनों ने बताया कि गायत्री का मोबाइल फोन उस दिन उसके पास नहीं था, बल्कि घर पर ही रह गया था। ऐसे में उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उसकी लोकेशन या बातचीत की जानकारी हासिल करना भी संभव नहीं हो सका। छात्रा के अचानक लापता होने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि कॉलेज से निकलने के बाद वह कहां गई और उसके बाद उसके साथ क्या हुआ। परिवार का कहना है कि वह लगातार अपनी बेटी की वापसी का इंतजार कर रहा है।

परिजनों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही थी। आसपास के इलाकों में छात्रा की तलाश और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। हालांकि परिवार का दावा है कि जिस समय गायत्री के आने-जाने की संभावना थी, उस दौरान कुछ स्थानों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। परिजनों का कहना है कि फुटेज में सामने आ रही इस स्थिति के कारण छात्रा की गतिविधियों का पूरा रास्ता स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।

परिवार का मानना है कि गायत्री के कॉलेज से निकलने के बाद उसके संभावित रास्ते में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। खासतौर पर कॉलेज, ई-रिक्शा के संभावित मार्ग, स्टेशन और आसपास के प्रमुख स्थानों के कैमरों की फुटेज से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। परिजनों ने पुलिस से यह भी आग्रह किया है कि उपलब्ध फुटेज को अलग-अलग समय के आधार पर देखा जाए, ताकि छात्रा के साथ आखिरी बार कौन व्यक्ति या लोग दिखाई दिए, इसका पता लगाया जा सके।

मामले में परिवार की ओर से गांव में पूर्व में हुए विवाद और कथित धमकी का भी उल्लेख किया गया है। गायत्री की बहन दुर्गा कुमारी के अनुसार, गांव में कुछ लोगों के साथ परिवार का विवाद हुआ था। परिवार का आरोप है कि विवाद के बाद कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे और धमकी दी गई थी। परिजनों के अनुसार, कथित तौर पर यह भी कहा गया था कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो गायत्री को जहां वह पढ़ने जाती है, वहीं से अगवा कर लिया जाएगा।

परिवार का कहना है कि कथित धमकी के करीब आठ दिन बाद गायत्री लापता हो गई। इसी वजह से परिजन इस पहलू को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि धमकी और गायत्री के लापता होने के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिवार ने पुलिस से गांव में हुए विवाद, कथित धमकी और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की भी जांच करने की मांग की है।

परिजनों के मुताबिक जिस व्यक्ति से गांव में विवाद होने की बात बताई जा रही है, वह भी घटना के बाद से कथित तौर पर दिखाई नहीं दिया है। परिवार ने इस तथ्य को भी पुलिस के सामने रखा है। हालांकि इस व्यक्ति के गायत्री के लापता होने से किसी तरह जुड़े होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस के लिए जरूरी होगा कि वह उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर इस पहलू की जांच करे।

गायत्री के लापता होने के बाद परिवार के सदस्य लगातार उसके संभावित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क करने के साथ ही उन स्थानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है, जहां उसके जाने की संभावना हो सकती है। परिवार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि सात दिन गुजर जाने के बाद भी छात्रा का कोई पता नहीं चल सका है।

परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रा की तलाश के लिए सभी संभावित तकनीकी और मैदानी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच के साथ ही छात्रा के कॉलेज से निकलने के बाद उसके संभावित मार्ग की जानकारी जुटाई जाए। इसके अलावा ई-रिक्शा चालक और स्टेशन के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गायत्री आखिरी बार कहां और किस स्थिति में देखी गई थी।

मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। छात्रा के लापता होने की वास्तविक वजह भी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गायत्री को सुरक्षित तलाशना और उसके कॉलेज से निकलने के बाद की गतिविधियों का पता लगाना है।

गायत्री के परिवार का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह की अफवाह या अनुमान नहीं चाहिए, बल्कि अपनी बेटी की सही जानकारी चाहिए। परिवार पुलिस से लगातार संपर्क में है और उम्मीद कर रहा है कि जांच में जल्द कोई महत्वपूर्ण सुराग सामने आएगा। सात दिन से बेटी के इंतजार में परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। अब परिजनों की मांग है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, संभावित रास्तों, गांव के विवाद और कथित धमकी समेत सभी पहलुओं को एक साथ जोड़कर जांच करे, ताकि छात्रा के लापता होने की पूरी तस्वीर सामने आ सके और उसे जल्द सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-