दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर वार: 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों का होगा रजिस्ट्रेशन

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर वार: 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों का होगा रजिस्ट्रेशन

प्रेषित समय :14:47:51 PM / Thu, Aug 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली.दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण और जहरीली हवा से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है. नए दिशा-निर्देशों के तहत, 1 जनवरी 2027 से राष्ट्रीय राजधानी में 3,500 किलोग्राम तक के नए हल्के मालवाहक वाहनों (N1 कैटेगरी LGVs) के लिए पेट्रोल, डीजल और सीएनजी चालित मॉडलों का नया रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. इस तारीख के बाद केवल शून्य-उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों का ही नया पंजीकरण हो सकेगा.

इस बड़े बदलाव का दायरा चरणबद्ध तरीके से पूरे एनसीआर (NCR) में बढ़ाया जाएगा:

1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में N1 कैटेगरी (3,500 kg तक) के केवल इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों का रजिस्ट्रेशन.

1 जुलाई 2027 से: एनसीआर के प्रमुख जिलों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर) में N1 कैटेगरी पर यह प्रतिबंध लागू होगा.

1 जनवरी 2028 से: दिल्ली में N2 कैटेगरी (3,500 kg से 7,500 kg तक) के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को मंजूरी मिलेगी.

1 जुलाई 2028 से: एनसीआर के चुनिंदा 5 प्रमुख जिलों में N2 कैटेगरी पर यह नियम लागू होगा.

1 जनवरी 2029 से: पूरे एनसीआर क्षेत्र में N2 कैटेगरी के डीजल, पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी.

CAQM के चेयरमैन राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. आयोग ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 (PM2.5) के खतरनाक स्तर में मालवाहक वाहनों से निकलने वाले धुएं और पार्टिकुलेट मैटर की बड़ी भूमिका है. दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी (30 जुलाई 2026) के तहत तैयार किए गए इस रोडमैप को अब पूरे एनसीआर में लागू कर हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है.